चित्रकूट दीपावली मेले की तैयारियां तेज, 25 से 30 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान

 


सतना, 22 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सतना जिले की धर्मनगरी चित्रकूट में 6 से 10 नवंबर तक आयोजित होने वाले दीपावली मेले को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मेले में 25 से 30 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए मंदाकिनी नदी के घाटों की साफ-सफाई, पार्किंग स्थलों के समतलीकरण और आवागमन की सुविधाओं को दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है। प्रशासन का जोर श्रद्धालुओं को सुरक्षित आवागमन, सुगम दर्शन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है।

घाटों से पार्किंग स्थलों तक व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुटा अमला

दीपावली मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए मंदाकिनी नदी के घाटों पर साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। इसके साथ ही पार्किंग स्थलों को व्यवस्थित करने का काम भी जारी है। चौबेपुर स्थित गोदावरी पार्किंग स्थल को भी तैयार किया जा रहा है, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को निर्धारित स्थानों पर खड़ा कराया जा सके और सड़कों पर यातायात का अनावश्यक दबाव न बढ़े।

बाढ़ से क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत पर जोर

इस वर्ष मानसून के दौरान आई बाढ़ से चित्रकूट के कुछ क्षेत्रों और संपर्क मार्गों को नुकसान पहुंचा था। हनुमानधारा मार्ग पर क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर मंदाकिनी नदी में वैकल्पिक पीपा पुल का निर्माण शुरू किया गया है। मेले से पहले आवागमन को सुचारु बनाना प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है, ताकि श्रद्धालुओं को आवाजाही के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

दोनों राज्यों के बीच समन्वय से संचालित होंगी व्यवस्थाएं

चित्रकूट का धार्मिक क्षेत्र मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश, दोनों राज्यों में फैला हुआ है। ऐसे में दीपावली मेले के दौरान व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए दोनों राज्यों के प्रशासन के बीच समन्वय महत्वपूर्ण है। पेयजल, बिजली, यातायात, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की तैयारियां समय पर पूरी करने पर जोर दिया जा रहा है। मेले में उमड़ने वाली विशाल भीड़ को व्यवस्थित ढंग से संभालना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी