जबलपुरः संजीवनी क्लीनिकों में अनियमितताओं को लेकर महाकौशल विधि छात्र संघ ने सीएमएचओ को सौंपा ज्ञापन

 


जबलपुर, 20 मई (हि.स.)। आयुष्मान आरोग्य योजना के अंतर्गत संचालित ‘मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिकों’ में कथित अनियमितताओं, समय-सारणी के उल्लंघन और स्वास्थ्य सेवाओं में भ्रष्टाचार के विरोध में महाकौशल विधि छात्र संघ ने बुधवार को सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी को ज्ञापन सौंपा।

संघ के अध्यक्ष एडवोकेट अंकुश चौधरी ने बताया कि जबलपुर शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित कई संजीवनी क्लीनिक निर्धारित समय पर नहीं खुल रहे हैं और तय समय से पहले ही बंद कर दिए जाते हैं। इसके चलते इलाज के लिए आने वाले गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों को बिना उपचार लौटना पड़ रहा है।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कई क्लीनिकों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की अनुपस्थिति बनी रहती है, वहीं आवश्यक दवाओं एवं बुनियादी उपकरणों की भी भारी कमी है। संघ ने हाल ही में सामने आए सामग्री क्रय घोटाले का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके बावजूद जमीनी स्तर पर सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवंटित बजट के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए इसे आम नागरिकों के स्वास्थ्य अधिकारों का हनन बताया गया।

महाकौशल विधि संघ ने मांग की है कि सभी संजीवनी क्लीनिकों के खुलने और बंद होने के समय की औचक जांच कराई जाए। समय का पालन नहीं करने वाले एवं अनुपस्थित रहने वाले स्टाफ पर तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही क्लीनिकों के बाहर डॉक्टरों की उपस्थिति और उपलब्ध दवाओं की सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने की व्यवस्था की जाए।

संघ ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी सात कार्यदिवसों के भीतर व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो आम जनता के हित में उग्र आंदोलन किया जाएगा तथा न्यायालय की शरण ली जाएगी।

इस दौरान एडवोकेट मोहित प्यासी, एडवोकेट राहुल अगरिया, राहुल झरिया, एडवोकेट सुरेंद्र शर्मा, अमित पटेल, सनी पसारिया, सादिक खान, अजय यादव, मोहम्मद अबरार राईन, एडवोकेट पवन रैदास, एडवोकेट जितेंद्र पथरिया, सतीश रैदास, तुषार यादव सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक