700 स्कूलों के बीच सागर के सांदीपनि विद्यालय ने मारी बाजी, जीता राष्ट्रीय पुरस्कार
सागर, 28 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले के गढ़ाकोटा स्थित शासकीय सांदीपनि विद्यालय ने शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। विद्यालय ने देशभर के 700 से अधिक निजी और सरकारी स्कूलों के बीच ‘फिक्की अराइज अवॉर्ड्स 2026’ में ‘फ्यूचर रेडी स्किल एजुकेशन’ श्रेणी में प्रथम स्थान हासिल किया है। विद्यालय को इस उपलब्धि के लिए राष्ट्रीय स्तर का सम्मान प्रदान किया गया।
इस उपलब्धि के साथ विद्यालय के अनुसार सांदीपनि विद्यालय इस श्रेणी में शीर्ष राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल करने वाला मध्य प्रदेश का पहला शासकीय विद्यालय बन गया है। नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में 25 और 26 सितंबर को आयोजित दो दिवसीय अराइज लर्निंग फेस्टिवल में विद्यालय को यह सम्मान प्रदान किया गया।
विद्यालय की ओर से प्राचार्य शिव सिंह ठाकुर, कार्यालय प्रभारी जयकांत खरे, कार्यक्रम प्रभारी मोहित समाधिया और शिक्षक प्रतिनिधि देवेंद्र सिंह लोधी ने मंच पर पुरस्कार ग्रहण किया।
राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए देशभर के 700 से अधिक प्रतिष्ठित विद्यालयों ने आवेदन किया था। चयन प्रक्रिया कई चरणों में पूरी हुई। प्रारंभिक चरण में विद्यालयों की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों, तकनीकी संसाधनों और नवाचारों से संबंधित साक्ष्यों की समीक्षा की गई।
इसके बाद 12 सितंबर को नई दिल्ली स्थित फिक्की मुख्यालय में शिक्षा विशेषज्ञों की पांच सदस्यीय राष्ट्रीय ज्यूरी के सामने अंतिम प्रस्तुतीकरण हुआ। सांदीपनि विद्यालय की टीम ने ज्यूरी के समक्ष विद्यालय में संचालित ‘उत्कर्ष’ हस्तलिखित पत्रिका, आधुनिक आईसीटी लैब, नियमित व्यावसायिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों, विषय आधारित क्लब और छात्र केंद्रित परियोजनाओं से जुड़े साक्ष्य प्रस्तुत किए।
सांदीपनि विद्यालय में विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक पढ़ाई तक सीमित रखने के बजाय भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। विद्यालय में आईसीटी और डिजिटल उपकरणों के माध्यम से आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को अपनाया गया है।
शिक्षकों के व्यावसायिक विकास पर भी ध्यान दिया जाता है। उन्हें नई शिक्षण तकनीकों, एआई और आईटी उपकरणों तथा बदलते शैक्षणिक मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाता है। वहीं, प्रोजेक्ट वर्क और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में तार्किक सोच, समस्या समाधान और व्यावहारिक कौशल विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
विद्यालय के प्राचार्य शिव सिंह ठाकुर ने उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था तेजी से बदल रही है। ऐसे में शिक्षकों का निरंतर सीखना और विद्यार्थियों की आधुनिक जरूरतों के अनुसार शिक्षण पद्धतियों में बदलाव जरूरी है। विद्यालय की पूरी टीम ने इसी सोच के साथ तकनीक और नवाचार को शिक्षण प्रक्रिया में शामिल किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान विद्यालय परिवार, शिक्षकों और विद्यार्थियों की मेहनत का परिणाम है और इससे भविष्य में बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।
अराइज लर्निंग फेस्टिवल के राष्ट्रीय मंच पर देश-विदेश से शिक्षा और अन्य क्षेत्रों से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय शिक्षा विशेषज्ञ पैट्रिक देहरम और निकोल ब्लेंचर्ड, पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर शिखर धवन, फिक्की अराइज के अध्यक्ष अनुरभ सिंह, फिक्की के वरिष्ठ निदेशक राजेश पंकज तथा नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन से जुड़े दीपक बागला सहित शिक्षाविद मौजूद रहे।
सांदीपनि विद्यालय गढ़ाकोटा की इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार और स्थानीय समुदाय में उत्साह का माहौल है। विद्यालय की इस सफलता को शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे