राजगढ़ःतीन माह से वेतन नहीं मिलने पर संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल शुरू, अप्रेजल नीति के खिलाफ किया प्रदर्शन

 


राजगढ़, 02 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में तीन माह से वेतन भुगतान नहीं होने और अप्रेजल नीति के विरोध में जिलेभर के संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय के बाहर एकत्रित कर्मचारियों ने प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अप्रेजल नीति की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराया। प्रदेश स्तरीय आह्वान पर शुरू हुए इस आंदोलन में जिले के आरबीएसके चिकित्सक, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ), स्टाफ नर्स, एएनएम, फार्मासिस्ट और कंप्यूटर ऑपरेटर बड़ी संख्या में शामिल हुए।

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं और सुरक्षा नहीं मिल रही हैं। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष सुरेश पटेल ने कहा कि संविदा कर्मचारी वर्षों से विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। कोरोना काल में भी उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर गांव-गांव जाकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराईं, लेकिन आज भी उन्हें कम वेतन और अस्थायी व्यवस्था में काम करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अप्रेजल नीति के कारण कर्मचारियों में नौकरी जाने का लगातार भय बना रहता है।

संघ के कार्यकारी अध्यक्ष चेतन साहू ने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नियमित कर्मचारियों के समान वेतन एवं सुविधाएं, एनपीएस और स्वास्थ्य बीमा का लाभ, 10 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि, महंगाई भत्ता, वेतन विसंगतियों का निराकरण तथा सीएचओ के पीबीआई को वेतन में शामिल करना शामिल है।

कर्मचारियों ने बताया कि जिले में कई संविदा कर्मियों को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिला है। इस संबंध में कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा गया था और सोमवार तक भुगतान का अल्टीमेटम दिया गया था। समय सीमा बीतने के बाद भी भुगतान नहीं होने पर कर्मचारियों ने हड़ताल का रास्ता अपनाया। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक