सलकनपुर देवीधाम की सीढ़ियों पर फिर दिखा तेंदुए का परिवार, डेढ़ महीने में तीसरी बार हुई मौजूदगी

 


सीहोर, 28 जून (हि.स.)। सहाेर जिले के प्रसिद्ध सलकनपुर देवीधाम में एक बार फिर तेंदुए की मौजूदगी ने श्रद्धालुओं और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार तड़के मंदिर की मुख्य सीढ़ियों पर एक मादा तेंदुआ अपने दो शावकों के साथ घूमती हुई सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई। इसका वीडियो रविवार को सामने आया है।

सबसे बड़ी बात यह है कि बीती 14 मई को इसी क्षेत्र में एक साधु की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी, जिसकी जांच के दौरान वन विभाग ने तेंदुए के हमले की आशंका जताई थी। इसके अलावा 14 जून को भी मंदिर की सीढ़ियों पर तेंदुआ दिखाई दिया था। यानी डेढ़ महीने के भीतर यह तीसरी बार है जब सलकनपुर देवीधाम परिसर में तेंदुए की मौजूदगी दर्ज की गई है।

सीसीटीवी में कैद हुआ तेंदुए का परिवार

रविवार काे सामने आये ताजा सीसीटीवी फुटेज में एक वयस्क मादा तेंदुआ अपने दो शावकों के साथ मंदिर की सीढ़ियों पर बेखौफ घूमती नजर आ रही है। सलकनपुर देवीधाम में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सुबह तड़के और देर रात भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन्हीं सीढ़ियों का उपयोग करते हैं। ऐसे में वन्यजीव की लगातार मौजूदगी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता का विषय बन गई है।

14 मई को साधु की हुई थी मौत

बीती 14 मई को सलकनपुर टेकरी के पास सड़क मार्ग स्थित नागिन जोड़ क्षेत्र में एक साधु का शव मिला था। शुरुआती जांच में किसी जंगली जानवर के हमले की आशंका जताई गई थी। इसके बाद वन विभाग ने इलाके में ट्रैप कैमरे लगाए थे। अगले ही दिन रात करीब 12:30 बजे कैमरे में एक तेंदुआ कैद हुआ, जिसके बाद माना गया कि साधु पर तेंदुए ने हमला किया हो सकता है। जानकारी के मुताबिक साधु रोज अपनी झोपड़ी से माता के दर्शन के लिए दंडवत यात्रा करते थे। गर्मी के मौसम में उन्होंने शाम की बजाय सुबह 4 से 5 बजे के बीच मंदिर जाना शुरू किया था। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अंधेरे में दंडवत करते समय तेंदुए ने उन्हें किसी वन्य जीव समझकर हमला कर दिया होगा।

पिंजरा लगाने की घोषणा, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं

साधु की मौत के बाद वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की बात कही थी। रेहटी वन विभाग ने इसके लिए जिला मुख्यालय से अनुमति भी मांगी थी। स्थानीय वन अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र में जल्द पिंजरा लगाने का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक यह व्यवस्था नहीं हो सकी। ताजा वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने वन विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि साधु की मौत के बाद भी क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित नहीं बनाया गया और न ही तेंदुए की निगरानी एवं पकड़ने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए।

श्रद्धालुओं में दहशत, सुरक्षा बढ़ाने की मांग

मंदिर की मुख्य सीढ़ियों तक तेंदुए के परिवार के पहुंचने से दुकानदारों, स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भय का माहौल है। लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, नियमित गश्त बढ़ाने और तेंदुए को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे