सागर जहरीली शराब कांड : जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, न्यायिक जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग

 




भोपाल, 08 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंगलवार काे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने की मांग की है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने, अवैध शराब के नेटवर्क का पता लगाने और पीड़ित परिवारों को उचित सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी की।

मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में जीतू पटवारी ने कहा कि वे स्वयं पीड़ित परिवारों से मिले हैं और घटना से प्रभावित परिवारों की स्थिति बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि जहरीली शराब से मौत की घटनाओं के बाद केवल कुछ अधिकारियों के तबादले या निलंबन से सरकार की जिम्मेदारी पूरी नहीं हो जाती। ऐसे मामलों में घटना से पहले निगरानी और प्रभावी कार्रवाई की व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है। पटवारी ने पत्र में सवाल उठाया कि यदि अवैध शराब के कारोबार को लेकर पहले से शिकायतें या सूचनाएं थीं, तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने वाणिज्यिक कर विभाग के प्रमुख सचिव अमित राठौर और आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना की भूमिका और प्रशासनिक जवाबदेही की भी जांच की मांग की।

कार्रवाई के आदेश में बदलाव की जांच की मांग

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने संदिग्ध शराब को लेकर विभागीय स्तर पर हुई कार्रवाई और बाद में लिए गए निर्णयों में कथित विरोधाभास की स्वतंत्र जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि किस स्तर पर कौन-सा आदेश जारी हुआ और उसमें बदलाव क्यों किया गया, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। उन्होंने सागर में अवैध शराब के नेटवर्क की जांच स्थानीय स्तर से आगे बढ़ाकर अंतरराज्यीय स्तर तक करने की मांग की। पत्र में ललितपुर से सागर तक कथित रूप से शराब पहुंचने के मामले की भी जांच कराने की बात कही गई है।

डिस्टलरी से लेकर अंतिम विक्रेता तक जांच की मांग

पीसीसी चीफ पटवारी ने प्रदेश की डिस्टलरियों से संबंधित आरोपों की भी जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि किसी डिस्टलरी का अवैध शराब के उत्पादन या आपूर्ति से संबंध सामने आता है, तो उसकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही डिस्टलरी, गोदाम, लाइसेंसी दुकान और गांवों में शराब बेचने वालों तक पूरी सप्लाई चेन की जांच किए जाने की मांग की। पत्र में गुजरात और उज्जैन की घटनाओं का उल्लेख करते हुए पटवारी ने सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा कि पूर्व में जहरीली शराब की घटनाओं के बाद ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए।

श्वेत पत्र जारी करने की मांग

पटवारी ने सरकार से जहरीली शराब कांड पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। इसमें मृतकों की प्रमाणित सूची सार्वजनिक करने, पीड़ितों को बेहतर उपचार और उचित आर्थिक सहायता देने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानकारी देने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि जांच में यह स्पष्ट होना चाहिए कि जहरीली शराब के निर्माण, आपूर्ति और गांवों तक पहुंचाने में कौन-कौन लोग शामिल थे और यदि किसी स्तर पर संरक्षण मिला तो उसकी भी जिम्मेदारी तय हो। पत्र के अंत में पटवारी ने कहा कि केवल तबादला और निलंबन पर्याप्त कार्रवाई नहीं है। उन्होंने पीड़ित परिवारों को न्याय और पूरे अवैध शराब नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग की।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे