सागर जहरीली शराब त्रासदी: प्रभावित गांवों में पहुंचे जीतू पटवारी, कहा- मौतों के सही आंकड़े सामने लाए सरकार
न्यायिक जांच, दोषियों पर हत्या का केस और आबकारी मंत्री के इस्तीफे की मांग
सागर, 07 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोमवार को सागर जिले के बंडा विधानसभा क्षेत्र के प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने छापरी, बम्हूरा, चौका, हिनौती, दलपतपुर, धुरमार, गूगरा और नौराज सहित अन्य गांवों में पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
जीतू पटवारी ने कहा कि यह केवल मौतों का मामला नहीं, बल्कि कई परिवारों के उजड़ने की त्रासदी है। उन्होंने सरकार से घटना में मृतकों की संख्या के वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि जहरीली शराब का कारोबार इतने बड़े स्तर पर बिना प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही के संभव नहीं है। पटवारी ने सवाल उठाया कि यदि अवैध शराब गांवों तक पहुंच रही थी तो आबकारी विभाग और स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई और समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण की जांच की मांग
पीसीसी चीफ पटवारी ने कहा कि जांच में यह सामने आना चाहिए कि अवैध शराब कहां तैयार हुई, इसे गांवों तक कौन पहुंचा रहा था और किन लोगों ने इसका कारोबार किया। उन्होंने अवैध शराब के नेटवर्क से जुड़े लोगों के साथ-साथ उसे संरक्षण देने के आरोपों की भी जांच की मांग की।
उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और आबकारी विभाग से घटना की जिम्मेदारी तय करने को कहा। जीतू पटवारी ने कहा कि यदि प्रशासन को अवैध शराब की जानकारी नहीं थी तो यह गंभीर प्रशासनिक चूक है और यदि जानकारी के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई तो इसकी भी जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्हाेंने कहा कि प्रभावित परिवारों में किसी ने बेटा, किसी ने पति तो किसी ने परिवार का कमाने वाला सदस्य खोया है। ऐसे परिवारों को तत्काल राहत और दीर्घकालिक सहायता उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
शराबबंदी का मुद्दा भी उठाया
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रदेश में शराबबंदी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई और शराबबंदी की मांग करती रही है। उनका कहना था कि सरकार को अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के साथ इसके पीछे काम कर रहे पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई करनी चाहिए।
कांग्रेस की सरकार से सात मांगें
- पूरे जहरीली शराब कांड की न्यायिक जांच कराई जाए।
- दोषियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए।
- अवैध शराब के पूरे नेटवर्क की जांच कर उसके राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षणकर्ताओं को सामने लाया जाए।
- प्रत्येक पीड़ित परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता दी जाए।
- मृतकों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
- लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
- आबकारी मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए अथवा उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए।
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और उनकी मांगों को लेकर सड़क से सदन तक आवाज उठाएगी। उन्होंने सरकार से घटना में हुई मौतों के वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक करने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की मांग दोहराई।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे