सागर: सड़क सुरक्षा मित्रों का प्रशिक्षण संपन्न, कलेक्टर ने दिए सुरक्षित यातायात के गुरुमंत्र
सागर, 20 फ़रवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर शहर में शुक्रवार को 'सड़क सुरक्षा मित्र' पहल के तहत एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले में सड़क दुर्घटनाओं की दर को कम करना और दुर्घटना के समय 'गोल्डन ऑवर' (शुरुआती महत्वपूर्ण समय) में घायलों को त्वरित सहायता पहुंचाना है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कलेक्टर संदीप जीआर ने दीप प्रज्वलित कर सत्र की शुरुआत की। अपने उद्बोधन में कलेक्टर ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल एक नियम नहीं, बल्कि एक जीवन रक्षक जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर दिया कि:
• त्वरित प्रतिक्रिया: सड़क सुरक्षा मित्र दुर्घटना के समय सबसे पहले पहुँचने वाले व्यक्ति होते हैं, उनकी सजगता किसी का जीवन बचा सकती है।
• जागरूकता अभियान: युवाओं को समाज में हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और यातायात नियमों के पालन के प्रति मिसाल पेश करनी चाहिए।
• तकनीकी प्रशिक्षण: कलेक्टर ने प्रशिक्षुओं को घायलों की मदद के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और कानूनी प्रक्रियाओं (गुड सेमेरिटन लॉ) के बारे में विस्तार से बताया ताकि वे बिना किसी डर के मदद कर सकें।
एक दिवसीय सत्र के दौरान विशेषज्ञों द्वारा सड़क सुरक्षा मित्रों को निम्नलिखित विषयों पर प्रशिक्षित किया गया:
• प्राथमिक चिकित्सा (First Aid): दुर्घटनास्थल पर खून रोकने और सीपीआर (CPR) देने की बुनियादी जानकारी।
• यातायात नियम: साइन बोर्ड और सिग्नल्स की विस्तृत समझ।
• समन्वय: पुलिस और एम्बुलेंस सेवा के साथ त्वरित तालमेल बिठाने के तरीके।
इस कार्यक्रम में प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहित बड़ी संख्या में चयनित सड़क सुरक्षा मित्र उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के अंत में सभी प्रतिभागियों को समाज में सुरक्षा के प्रति अलख जगाने की शपथ दिलाई गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे