सागरः अग्रणी कॉलेज में 20 दिवसीय योग शिविर का भव्य शुभारंभ
सागर, 02 जून (हि.स.)। आगामी 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय विश्व योग दिवस की पूर्व तैयारियों को लेकर मध्य प्रदेश के सागर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय शासकीय कला एवं वाणिज्य (अग्रणी) महाविद्यालय में मंगलवार से 20 दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चारण की गूंज और सकारात्मक ऊर्जा के बीच हुई। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. सरोज गुप्ता एवं पतंजलि योग समिति (मध्य प्रदेश पूर्व) के राज्य प्रभारी योगाचार्य भगत सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर इस विशेष शिविर का शंखनाद किया। इस दौरान उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को नियमित योगाभ्यास करने और इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संकल्प दिलाया गया।
शिविर के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. सरोज गुप्ता ने छात्र जीवन में योग की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि आज के इस अत्यधिक प्रतिस्पर्धी और मानसिक तनाव से भरे दौर में योग विद्यार्थियों के लिए किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं है। योग केवल शारीरिक कसरत या व्यायाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक एकाग्रता, अनुशासन, सकारात्मक सोच और संपूर्ण व्यक्तित्व निर्माण की एक प्रामाणिक वैज्ञानिक पद्धति है।
प्राचार्य ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि इस 20 दिवसीय शिविर को बेहद अनुशासित तरीके से संचालित किया जाएगा। शिविर में शामिल होने वाले सभी पंजीकृत छात्र-छात्राओं की दैनिक उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज की जाएगी। सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने वाले और शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराने वाले सभी प्रतिभागियों को महाविद्यालय प्रबंधन की ओर से आधिकारिक प्रमाण-पत्र भी वितरित किए जाएंगे।
शिविर के मुख्य प्रशिक्षक और पतंजलि के राज्य प्रभारी योगाचार्य भगत सिंह ने पहले ही दिन विद्यार्थियों को योग के व्यावहारिक और वैज्ञानिक पहलुओं से रूबरू कराया। उन्होंने कहा कि योग हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य और अनमोल धरोहर है, जो मनुष्य के शरीर, मन और आत्मा के बीच एक बेहतरीन सामंजस्य स्थापित करती है। इसके नियमित अभ्यास से युवाओं में आत्मविश्वास, स्मरण शक्ति और कार्यक्षमता का तेजी से विकास होता है। शिविर के प्रथम दिन योगाचार्य ने भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित 56 मिनट के योग प्रोटोकॉल के तहत प्रशिक्षण दिया। विद्यार्थियों को योगासनों और प्राणायामों का सघन अभ्यास कराया गया। जिनमें ग्रीवा-स्कंध संचालन (गर्दन और कंधों के मूवमेंट), ताड़ासन, वृक्षासन और त्रिकोणासन, वज्रासन, भुजंगासन और सेतुबंधासन, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी प्राणायाम और मानसिक शांति के लिए ध्यान (Meditation) का अभ्यास। प्रशिक्षक ने इन सभी आसनों को करने के सही तरीके और उनसे शरीर को होने वाले वैज्ञानिक व स्वास्थ्य लाभों के बारे में भी विस्तार से समझाया।
इस गरिमामयी और ऊर्जावान आयोजन में महाविद्यालय परिवार और पतंजलि योग समिति के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से डॉ. प्रतिभा जैन, डॉ. अभिलाष जैन, सुरेंद्र यादव के साथ-साथ महिला पतंजलि योग समिति की जिला प्रभारी वंदना कटारे, सृष्टि बोहरे, सौरभ लोधी, चेतराम लोधी, हर्षित पटेल, रिचा लोधी और खुशी लोधी सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापक व छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित जनों ने आगामी 21 जून को 'विश्व योग दिवस' के अवसर पर व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने और इसे एक महा-उत्सव के रूप में बेहद भव्य स्वरूप में मनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे