'सेफ क्लीक 2.0' के तहत जीआरपी भोपाल की 5 किमी साइबर जागरूकता मैराथन

 


साइबर सुरक्षा के साथ पुलिस फिटनेस का संदेश, हर शनिवार 5 किमी दौड़ने का लिया संकल्प

भोपाल, 04 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश पुलिस के प्रदेशव्यापी 'सेफ क्लीक 2.0' साइबर जागरूकता अभियान के तहत शनिवार को जीआरपी भोपाल ने 5 किलोमीटर की साइबर जागरूकता मैराथन आयोजित की। कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देना तथा पुलिस बल में फिटनेस संस्कृति को मजबूत करना रहा।

मैराथन का शुभारंभ अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (रेल) राजाबाबू सिंह ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर उप पुलिस महानिरीक्षक (रेलवे) पंकज श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक (रेलवे) अंकित जायसवाल सहित रेल पुलिस कार्यालय एवं आरआरपी लाइन भोपाल के लगभग 150 अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।

साइबर अपराधों से बचाव के दिए व्यावहारिक सुझाव

मैराथन के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, फिशिंग लिंक, सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट और फर्जी निवेश योजनाओं से बचने के उपाय बताए। साथ ही साइबर अपराध का शिकार होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना देने और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी गई।

अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और बैंक खाता, एटीएम, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता और सतर्कता है।

हर शनिवार 5 किलोमीटर दौड़ने का संकल्प

कार्यक्रम के दौरान जीआरपी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने न केवल साइबर सुरक्षा के प्रति समाज को जागरूक करने का संकल्प लिया, बल्कि पुलिस बल में फिटनेस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह निर्णय भी लिया कि मध्यप्रदेश जीआरपी के सभी अधिकारी और कर्मचारी प्रत्येक शनिवार कम से कम 5 किलोमीटर दौड़ या पैदल चाल पूरी करेंगे। अधिकारियों ने कहा कि स्वस्थ और फिट पुलिस बल बेहतर पुलिसिंग की आधारशिला है तथा इससे सेवा क्षमता और कार्यकुशलता में भी वृद्धि होगी।

मध्यप्रदेश पुलिस का 'सेफ क्लीक 2.0' अभियान प्रदेशभर में विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और सुरक्षित डिजिटल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। जीआरपी भोपाल की यह मैराथन जन-जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता और पुलिस फिटनेस के सफल समन्वय का प्रभावी उदाहरण बनी।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे