उज्जैन में खड़े हनुमान मंदिर में सद्बुद्धि हवन, साध्वी हर्षानंद गिरि बोलीं- 2 दिन में फैसला नहीं तो अनशन-धरना

 




भोपाल, 13 सितंबर (हि.स.) । मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में खड़े हनुमान मंदिर को लेकर चल रहे विवाद के बीच रविवार को मंदिर परिसर में सद्बुद्धि हवन किया गया। साध्वी हर्षानंद गिरि ने प्रशासन और सरकार से प्रतिमा को यथास्थान रखने व मंदिर निर्माण की घोषणा करने की मांग करते हुए कहा कि दाे से तीन दिन में रुख साफ नहीं हुआ तो अनशन और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

रविवार को हुए सद्बुद्धि हवन में साध्वी हर्षानंद गिरि, पूज्य श्री शंकर लक्ष्मीनारायण जी महाराज समेत कई श्रद्धालुओं ने आहुतियां डालीं। हवन का उद्देश्य प्रशासन और सरकार को सद्बुद्धि देने का बताया गया। श्रद्धालुओं की मांग है कि हनुमानजी की प्रतिमा को यथास्थान रखा जाए और इसी जगह मंदिर बनाने की घोषणा की जाए। साध्वी हर्षानंद गिरि ने कहा कि सद्बुद्धि हवन इस उम्मीद के साथ किया गया है कि प्रशासन और सरकार जल्द स्पष्ट करें कि हनुमानजी की प्रतिमा को हटाया नहीं जाएगा। साथ ही इसी स्थान पर मंदिर का निर्माण कराया जाएगा।

उन्होंने बताया कि सरकार ने निर्णय के लिए दाे से तीन दिन का समय मांगा है। साध्वी ने कहा कि यदि इस अवधि में प्रशासन का रुख स्पष्ट नहीं होता है तो अनशन और धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। साध्वी ने कहा कि रविवार को यज्ञ के बाद सोमवार तक प्रशासन को समय दिया जाएगा। इसके बाद सरकार और प्रशासन के रुख को देखते हुए आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी।

संतों से मंदिर की रक्षा के लिए आगे आने की अपील

साध्वी हर्षानंद गिरि ने संतों से धर्म और मंदिरों की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब संत भगवान राम के नाम पर अपना जीवन समर्पित करते हैं, तो हनुमानजी के मंदिर से जुड़े इस मामले में भी उन्हें आगे आना चाहिए। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की ओर से मुख्यमंत्री को लिखे पत्र का भी जिक्र किया। साध्वी ने उम्मीद जताई कि उमा भारती की आस्था को देखते हुए सरकार जल्द ही मंदिर को यहीं बनाए रखने का एलान करेगी।

सड़क चौड़ीकरण की जद में आया मंदिर

दरअसल, उज्जैन के कंठाल चौराहे से छत्री चौक तक सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इसी मार्ग में खड़े हनुमान मंदिर का स्थान आ रहा है। सड़क चौड़ीकरण के लिए मंदिर को विस्थापित किया जाना है। प्रशासन की कार्रवाई में खड़े हनुमान मंदिर का पूरा ढांचा तोड़ा जा चुका है, लेकिन मंदिर के अंदर स्थापित खड़ी हनुमानजी की प्रतिमा को हटाया नहीं जा सका है। प्रतिमा को हटाने के लिए चार बार प्रयास किए जा चुके हैं। इसके लिए हाइड्रोलिक क्रेन तक लगाई गई, लेकिन हर बार प्रयास नाकाम रहा।

कार्रवाई रुकी, दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु

प्रतिमा को हटाने में लगातार नाकामी के बाद प्रशासन ने फिलहाल कार्रवाई रोक दी है। वहीं, श्रद्धालु इसे हनुमानजी का चमत्कार मान रहे हैं। प्रतिमा के यथास्थान रहने की बात सामने आने के बाद मध्यप्रदेश के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान से भी श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत