सतनाः विन्ध्य क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार से संसाधनों को मिलेगा बढ़ावा
सतना, 23 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सतना सहित विंध्य क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में 24 अक्टूबर 2026 को महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल होने जा रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव एवं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा सतना–देवेंद्रनगर (53 किमी) एवं रीवा–चुरहट (65 किमी) रेलखंडों, कुल 118 किलोमीटर रेल लाइन का उद्घाटन किया जाएगा। साथ ही, देवेंद्रनगर–चुरहट नई ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा।
इसी क्रम में आजादी के बाद पहली बार सीधी जिले को रेल नेटवर्क से जोड़ना विंध्य क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे यात्री परिवहन एवं माल ढुलाई को गति मिलने के साथ औद्योगिक गतिविधियों, व्यापार और रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा। वित्त वर्ष 2026-27 में मध्य प्रदेश में रेल विकास के लिए ₹15,188 करोड़ का रिकॉर्ड बजट आवंटित किया गया है तथा प्रदेश में लगभग ₹1,18,379 करोड़ की रेल परियोजनाओं के कार्य प्रगति पर हैं।
ललितपुर–सिंगरौली नई रेल लाइन परियोजना विंध्य क्षेत्र के लिए विशेष महत्व रखती है। इस परियोजना से रेल नेटवर्क का विस्तार होगा और पन्ना, सतना, रीवा, सीधी तथा सिंगरौली जैसे क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी। परियोजना के पूर्ण होने पर खनिज संपदा से समृद्ध क्षेत्रों को देश के प्रमुख औद्योगिक एवं परिवहन केंद्रों से जोड़ने में मदद मिलेगी।
चुरहट रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में मध्य प्रदेश शासन के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, रीवा के सांसद जनार्दन मिश्रा, सीधी के सांसद राजेश मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे। नागौद रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में मध्य प्रदेश शासन की राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी, सतना के सांसद गणेश सिंह, खजुराहो के सांसद विष्णु दत्त शर्मा, नागौद विधायक नागेन्द्र सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।
*सतना–देवेंद्रनगर रेलखंड (53 किमी)*
ललितपुर–सिंगरौली नई रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत विकसित यह रेलखंड सतना, नागौद एवं देवेंद्रनगर सहित आसपास के क्षेत्रों की रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। रेल संपर्क के विस्तार से क्षेत्र में यातायात सुगम होने के साथ चूना पत्थर आधारित उद्योगों एवं सीमेंट संयंत्रों के विकास को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे स्थानीय व्यापार, औद्योगिक गतिविधियों, शिक्षा और रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी होगी।
*रीवा–चुरहट रेलखंड (65 किमी)*
यह रेलखंड रीवा और सीधी क्षेत्र के बीच रेल संपर्क को आगे बढ़ाएगा। इस मार्ग के पहाड़ी भूभाग में रेलवे पुलों एवं सुरंगों सहित कई महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग कार्य किए गए हैं, जिनमें 3.33 किलोमीटर लंबी सुरंग भी शामिल है। इस रेलखंड के विकसित होने से सीधी जिला पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ गया है। क्षेत्र में चूना पत्थर एवं अन्य खनिजों की उपलब्धता को देखते हुए यह मार्ग भविष्य में सीमेंट, क्लिंकर तथा अन्य माल के परिवहन के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा।
*नई ट्रेन सेवा से यात्रियों को लाभ*
देवेंद्रनगर–चुरहट ट्रेन सेवा शुरू होने से स्थानीय यात्रियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यापारियों को आवागमन का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। इससे आसपास के क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर होगा तथा शिक्षा, व्यापार और रोजगार संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
*पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा*
सतना–देवेंद्रनगर एवं रीवा–चुरहट रेलखंडों के विकास से पूरे विंध्य क्षेत्र में पर्यटन को नई गति मिलने की संभावनाएं हैं। यहां मुकुंदपुर स्थित व्हाइट टाइगर सफारी सहित कई प्रमुख पर्यटन केंद्र स्थित हैं। बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलने से पर्यटकों के लिए क्षेत्र के धार्मिक, ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंचना अधिक सुविधाजनक होगा। इससे पर्यटन गतिविधियों, स्थानीय व्यापार, होटल एवं परिवहन सेवाओं को बढ़ावा मिलने के साथ क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
इन रेलखंडों के विकास से विंध्य क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार, नए उद्योगों एवं सीमेंट संयंत्रों की स्थापना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से माल परिवहन सुगम होगा, व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस प्रकार रेल नेटवर्क का विस्तार क्षेत्रीय आर्थिक विकास और जनकल्याण को नई गति प्रदान करेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी