अनूपपुर: श्रद्धालु तीर्थ की पवित्रता बनाए रखने सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से बचें
अनूपपुर, 19 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले की विश्व प्रसिद्ध नर्मदा उद्गम अमरकंटक में नर्मदा के स्वच्छ निर्मल प्रवाह बनाए रखने के लिए नर्मदा समग्र अमरकंटक के घाट टोली द्वारा रन फॉर स्वच्छ नर्मदा स्वच्छ अमरकंटक का आयोजन सोमवार को किया गया। जिसका उद्देश्य समाज एवं छात्रों में मां नर्मदा के अविरल धार को निर्मल बनाए रखने के लिए भाव जागरण करना है, जिससे नर्मदा नदी का जल स्वच्छ रहे।
डॉ अनिल कुर्मी ने बताया कि अमरकंटक का जंगल जैव विविधता एवं जलवायु परिवर्तन की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है। आज हम जब अमरकंटक में नर्मदा की स्वच्छता की बात करते हैं तब देखने को मिल रहा है की अमरकंटक तपोस्थली से भोगस्थली में परिवर्तित होती जा रही है। यहां आने वाले श्रद्धालु मां नर्मदा के मंदिर में तो श्रद्धा का भाव रखते हैं किंतु जैसे मंदिर से निकल कर अविरल बहती मां नर्मदा के तट पर जाते हैं, वह इसे मात्र बहता पानी मानकर गंदा करने से नहीं संकोच करते। घाट पर तेल साबुन के पाउच पानी की बोतल और अपने सभी प्रकार की उपयोग के बाद बचे अवशिष्ट को घाट पर ही छोड़ जाते हैं। हमारी घाट टोली निरंतर घाट सफाई में लगी हुई है हम जब सफाई करने उतरते हैं तो मन इतना व्यथित होता है मानो अमरकंटक आने वाले यात्रियों ने जीवन दायिनी मां को कचरे में बदलने का संकल्प ले लिया है। मां नर्मदा को इस प्रदूषण से बचाने के लिए हमने रन फॉर स्वच्छ नर्मदा कार्यक्रम का आयोजन किया है। इसमें विद्या भारती द्वारा संचालित जनजाति छात्रावास के बच्चों ने सहभागिता की है। इसमे अलग-अलग समाजसेवी, संस्थाओं के विद्यार्थीयों एवं पर्यावरण प्रेमियों को स्वच्छ नर्मदा अभियान से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
अमरकंटक का यह दिव्या वन जो मन को शांति और मनमोहन करता है। अब धीरे-धीरे साल के वन से प्लास्टिक के वन में परिवर्तित हो रहे हैं। अमरकंटक आने वाले पर्यटक जंगलों में पिकनिक मना रहे हैं भोजन पका रहे हैं और उपयोग किए गए डिस्पोजल थाली गिलास चम्मच को जंगल में ही छोड़कर चले जाते हैं। देखने में मानो ऐसा लगता है यह जंगल कुछ दिन बाद प्लास्टिक से भर जाएगा और इसकी खूबसूरती कचरे में परिवर्तित हो जाएगी। शराब पर औपचारिक रूप से तो शराब प्रतिबंध है किंतु सफाई करते हुए पाया जा रहा है कि मां नर्मदा के तट पर बैठकर पर्यटक शराब पीते हैं और बोतल नदी पर फेंक कर जाते हैं। इस दौरान सैकड़ो की संख्या में शराब की बोतले नदी से निकल जाती है और उनके आंकड़े एकत्रित किए जा रहे हैं।
बरसात के समय में पहाड़ों जंगलों से होकर बरसात का अपनी मां नर्मदा में नालों के माध्यम से आता है वर्तमान समय में कपिलधारा सोनमुड़ा माई की बगिया के सभी नालों में सिंगल यूज प्लास्टिक जैसे डिस्पोजल थाली थर्माकोल थाली डिस्पोजल ग्लास चम्मच पानी की बोतल पाउच और अन्य अन्य प्रकार के कचरा नालियों में भरा हुआ है जो बरसात में सीधे जाकर मां नर्मदा में मिल जाएगा।
नर्मदा समग्र अमरकंटक की टीम ने अमरकंटक आने वाले सभी श्रद्धालु तीर्थ की पवित्रता बनाए रखें सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से बचें। और अगर उपयोग किया है तो खुले में ना डस्टबिन पर डालें या अपने साथ लेकर आ जाएं। प्रशासन अमरकंटक में पिकनिक पर रोक लगाई या स्थान सुनिश्चित करें। नर्मदा समग्र घाट टोली के स्वच्छ नर्मदा अभियान में सहभागी बने। टीम स्वच्छ नर्मदा डॉ अनिल कुर्मी (वैज्ञानिक), शिव खैरवार (सामाजिक कार्यकर्ता), तिलक पटेल ( शोधार्थी स्वच्छ नर्मदा), एम. मुरली (शोधार्थी योग विशेषज्ञ) , सागर जी (सामाजिक कार्यकर्ता), दिनेश साहू (सह-समन्वयक नर्मदा समग्र) एवं छात्र बनवासी छात्रावास (विद्या भारती) उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला