आरटीई के तहत निजी स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश का तीसरा चरण शुरू, राज्य शिक्षा केंद्र ने जारी किए दिशा-निर्देश
भोपाल, 06 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश में शिक्षा का अधिकार कानून अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 में निजी स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश के लिए तीसरे चरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके अंतर्गत 8 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। इस संबंध में राज्य शिक्षा केंद्र, स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टर एवं जिला परियोजना समन्वयक को निर्देश भी जारी कर दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि कमजोर वर्ग एवं वंचित समूह के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इसके लिए निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12 (1) (ग) के अंतर्गत पात्र बच्चों को अशासकीय, गैर-अनुदान प्राप्त निजी विद्यालयों में निःशुल्क प्रवेश दिया जाता है, जिसका शुल्क प्रदेश सरकार वहन करती है।
प्रदेश में आरटीई के अंतर्गत प्रथम एवं द्वितीय चरण की प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। द्वितीय चरण की प्रक्रिया के बाद जिन विद्यालयों में सीटें रिक्त रह गई हैं, उन सभी विद्यालयों को उनकी रिक्त सीटों सहित द्वितीय चरण की प्रवेश प्रक्रिया के लिए पोर्टल पर प्रदर्शित किया गया है।
तीसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया में कोई नया पंजीयन नहीं होगा
राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने साेमवार काे जानकारी देते हुए बताया कि तृतीय चरण की प्रवेश प्रक्रिया में कोई नया पंजीयन नहीं किया जाएगा। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए केवल उन्हीं आवेदकों को शामिल किया जाएगा, जिन्होंने पहले चरण में आवेदन किया था। ऐसे आवेदक, जिन्होंने पूर्व चरणों में आवेदन किया था और सत्यापन उपरांत पात्र पाए गए, लेकिन उन्हें कोई भी विद्यालय आवंटित नहीं हुआ, वे तृतीय चरण के लिए विद्यालयों की चॉइस अपडेट कर सकते हैं। इसके अलावा, जिन आवेदकों को पूर्व चरण में विद्यालय आवंटित हुआ था, लेकिन विद्यालय पसंद न आने या अन्य कारणों से उन्होंने प्रवेश नहीं लिया, वे भी तृतीय चरण की प्रक्रिया में शामिल होकर अपनी पसंद के अनुसार विद्यालयों की चॉइस फिर से अपडेट कर सकेंगे।
प्रवेश प्रक्रिया की समय सारिणी
08 जुलाई 2026 तक- आवेदकों को रिक्त सीटों वाले विद्यालयों के लिए अपनी चॉइस अपडेट करने होगी।
10 जुलाई 2026- तीसरे चरण के लिए ऑनलाइन लॉटरी
11 से 20 जुलाई 2026-आवंटन के बाद संबंधित विद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया एवं संबंधित विद्यालय द्वारा आरटीई मोबाइल ऐप के माध्यम से जानकारी दर्ज की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे