राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष कार्यक्रमों की श्रृंखला में गोष्ठी का आयोजन
जबलपुर, 04 मई (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष कार्यक्रमों की श्रृंखला में जबलपुर महानगर द्वारा स्वयंसेवी संस्था प्रमुख जनगोष्ठी का आयोजन कला वीथिका रानी दुर्गावती संग्रहालय, जबलपुर में गत दिवस संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अनुरुद्ध मजुमदार राज्य वन अनुसंधान अधिकारी, मुख्यवक्ता के रूप में प्रांत सामाजिक समरसता प्रमुख सुर्यनारायण पाण्डेय , विभाग संघचालक डाॅ. कैलाश गुप्ता मंचासीन रहे।
अपने उद्बोधन के दौरान सुर्यनारायण पाण्डेय ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के उद्देश्य, संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के प्रेरणादायी जीवन तथा स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उस समय देश की सामाजिक एवं राष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए हिंदू समाज के संगठन एवं राष्ट्र जागरण की आवश्यकता थी, जिसके लिए संघ की स्थापना हुई।
श्री पाण्डेय ने वर्तमान समय में संघ की बढ़ती स्वीकार्यता का उल्लेख करते हुए कहा कि संघ समाज जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बना है। पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज जागरण, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता एवं सद्भाव, स्व के भाव का जागरण, नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता तथा कुटुंब प्रबोधन जैसे विषय आज समय की आवश्यकता हैं।
उन्होंने कहा कि संगठित, संस्कारित और जागरूक समाज ही सशक्त राष्ट्र निर्माण का आधार बनता है। जनगोष्टी कुछ प्रश्न भी आए, जिसका उत्तर देकर किया गया। कार्यक्रम का संचालन सुलोचना शर्मा एवं आभार प्रदर्शन धर्मेन्द्र यादव ने किया । इस अवसर पर विभिन्न स्वयंसेवी संस्था प्रमुख , समाजसेवा क्षेत्र से जुड़े गणमान्य बन्धुओं की उपस्थिति रही।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक