शहडोल: जैतपुर तहसील में टपक रही छत, दूसरे कमरे में बैठकर कार्य कर रहे तहसीलदार

 






शहडोल, 02 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के शहडोज जिले में लगातरी बारिश से जैतपुर में तहसील प्रशासन खुद अपनी छत से टपकते पानी से परेशान है। तहसील कार्यालय की छत जगह-जगह से टपक रही है। तहसीलदार, नायब तहसीलदार, न्यायालय, रिकॉर्ड रूम, नकल शाखा समेत सभी कमरों में पानी टपक रहा है। कर्मचारियों ने कमरों में प्लास्टिक के टब रखे हैं। इनमें छत से गिरने वाला पानी जमा होने के बाद उसे बाहर फेंका जाता है, फिर खाली टब उसी जगह रख दिया जाता है। तहसीलदार दूसरे कमरे में बैठकर काम कर रहे हैं।

बाढ़ या बारिश के मौसम में जब मकानों-दुकानों में पानी भरता है तो तहसील प्रशासन नुकसान का पंचनामा बनाकर मुआवजा दिलाने का काम करता है। लेकिन अब तहसील प्रशासन खुद अपनी छत से टपकते पानी से परेशान हैं। कर्मचारियों के अनुसार दीवारों में पानी रिसने से करंट लगने का खतरा भी बना हुआ है।

जैतपुर तहसील कार्यालय की भवन करीब 30 साल पुराना है। छत और दीवारों पर कई जगह काई जम गई है। बारिश के मौसम में तो हालात बदतर हो गए हैं। तहसीलदार एमपी विराट को खुद अपने रूम की बजाय न्यायालय कक्ष में डाइस पर बैठकर काम करना पड़ता है। और शिकायतें सुनते हैं, दस्तावेज देखते हैं और राजस्व मामलों पर कार्रवाई करते हैं। तहसील कार्यालय का सबसे महत्वपूर्ण स्थान रिकॉर्ड रूम होता है। यहीं राजस्व से जुड़े जरूरी दस्तावेज रखे जाते हैं। लेकिन जैतपुर तहसील कार्यालय में रखे रिकॉर्ड टपकती छत की वजह से खराब हो रहे हैं। इन्हें बचाने के लिए पॉलीथिन से ढका गया है। पानी, सीलन और करंट के खतरे की वजह से कुछ कमरों को खाली भी करना पड़ा है।

दीवारों में पानी रिसने से लग रहा करंट

कंप्यूटर ऑपरेटर रमेश कुंजर ने बताया कि दीवारों में पानी रिसने से कई बार करंट का झटका लगा है। लोक सेवा गारंटी समेत कंप्यूटर से जुड़े कई काम बरामदे में बैठकर करने पड़ रहे हैं। तहसील कार्यालय के बरामदे में वकीलों के बैठने की व्यवस्था थी, लेकिन बारिश से बचाने के लिए टेबल-कुर्सियां पलटकर रख दी गई हैं।

सोलर सिस्टम लगाने के बाद बढ़ा रिसाव

नायब तहसीलदार आरके पदमाकर ने कहा- तहसील भवन की छत पर सोलर सिस्टम लगाने के दौरान कई जगह गड्ढे किए गए थे। इनसे ही पानी रिस रहा है। सोलर सिस्टम लगाया जा चुका है, लेकिन अभी उससे बिजली मिलने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। वहीं, तहसील कार्यालय में काम कराने आए मुकेश वर्मा ने बताया कि यहां कई साल से बारिश के दौरान टब और डिब्बे रखकर काम चलाया जा रहा है। इस साल तेज बारिश ने बिल्डिंग को ज्यादा बदहाल कर दिया है।

रोहित शर्मा ने कहा- जैतपुर तहसील में रोजाना करीब डेढ़ सौ लोग नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, प्रमाण पत्र और अन्य राजस्व मामलों के लिए पहुंचते हैं। लेकिन यहां के बिगड़े हाल की वजह से उनके काम समय पर नहीं हो पा रहे हैं।

मनीष शुक्ला

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला