अनूपपुर: मवेशियों से सड़क दुघर्टना: ढाई वर्ष 24 हादसों में 10 मौत
अनूपपुर, 07 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले की सड़कों पर खुलेआम घूमते मवेशी अब लोगों की जान पर भारी पड़ रहे हैं। राष्ट्रीय और राज्य मार्गों से लेकर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर अक्सर मवेशियों का जमावड़ा देखा जाता है। जिससे टकराकर वाहन चालक लगातार हादसों का शिकार हो रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि पिछले ढाई वर्ष में सड़क पर बैठे मवेशियों से 24 दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें 10 लोगों की जान चली गई। इसके अलावा, कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और इन हादसों में कई मवेशियों की भी मौत हुई है।
जिले में सड़क दुर्घटनाओं के कुल आंकड़े भी चिंताजनक हैं। साल 2025 में 348 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें 377 लोग घायल हुए और 155 लोगों की मौत हुई। साल 2026 में जुलाई तक 220 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 273 लोग घायल तथा 96 लोगों की मौत हो चुकी है। जिला प्रशासन ने नगरीय और ग्रामीण इलाकों में आवारा मवेशियों को पकड़कर गौशालाओं में रखने और उनके मालिकों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद, दिन-रात सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा बना रहता है।
पशुपालन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 3,67,064 गाय, 67,675 भैंस और 89,659 बकरियां हैं। विकासखंडवार देखें तो पुष्पराजगढ़ में 1,61,182 गाय, जैतहरी में 1,03,179 गाय, अनूपपुर में 57,714 गाय और कोतमा में 44,989 गाय दर्ज हैं। इतनी बड़ी संख्या में गोवंश होने के बावजूद, आवारा पशुओं के संरक्षण के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। जिले में अभी 16 गौशालाएं चल रही हैं, लेकिन इनमें सिर्फ 2,118 गोवंश को ही रखा गया है।
प्रवर प्रज्ञा मंडल गौशाला 226 गोवंश
उपसंचालक पशुपालन विभाग पुष्पेन्द्र सिंह चौहान के अनुसार सबसे अधिक 226 गोवंश अंजनी स्थित प्रवर प्रज्ञा मंडल गौशाला में हैं, जबकि कई गौशालाओं में 100 से 150 पशु ही रखे गए हैं। यह संख्या जिले में मौजूद गोवंश की तुलना में बेहद कम है। यही कारण है कि राष्ट्रीय राज्य मार्ग के साथ ही राज्य तथा जिला मार्ग में शाम ढलते ही मवेशी सड़क के बीच बैठ जाते हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक हादसों का शिकार होते हैं।
वहीं मवेशियों के कारण होने वाले सड़क हादसे और आवाजाही के दौरान बनने वाली परेशानी पर नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि निराश्रित मवेशियों को तत्काल गौशालाओं में शिफ्ट किया जाए, गौशालाओं की क्षमता बढ़ाई जाए तथा संबंधित ग्राम पंचायत और नगरीय निकायों को सड़क पर से इन्हें हटाने के साथ ही कांजी हाउस और गौशालाओं में भेजा जाए।
यातायात प्रभारी अनूपपुर विनोद दुबे का कहना है कि सड़क पर घूमने वाले मवेशियों की वजह से होने वाले दुर्घटनाओं को देखते हुए प्रशासन को पत्र लिखते हुए संबंधित ग्राम पंचायत एवं नगरी निकायों द्वारा इस पर कार्रवाई किए जाने के संबंध में पत्राचार किया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला