अजयगढ़ में मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर, अस्थाई पुलिया बही; पांच गांवों का संपर्क टूटा

 


पन्ना, 19 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के अजयगढ़ क्षेत्र में पिछले 24 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। लगातार बारिश के कारण क्षेत्र से गुजरने वाली केन, रूंज और बागे नदियां उफान पर हैं। कई छोटे-बड़े नाले भी तेज बहाव के साथ खतरे के निशान की ओर बढ़ रहे हैं। नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने से कई मार्गों पर आवागमन प्रभावित हुआ है।

शहपुरा को धरमपुर और कालिंजर से जोड़ने वाले रूंज नदी के पुल के ऊपर कई फीट पानी बह रहा है। इसके चलते इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। इसके बावजूद स्थानीय लोग जरूरी सामान और उपचार जैसी आवश्यकताओं के लिए जोखिम उठाकर पानी के बीच से पुल पार करते दिखाई दे रहे हैं।

अस्थाई पुलिया तेज बहाव में बही

बारिश के कारण गडरपुर से बरियारपुर कुर्मियान मार्ग पर बनाई गई अस्थाई पुलिया भी तेज बहाव में बह गई। पुलिया के बह जाने से करीब पांच गांवों का संपर्क अजयगढ़ मुख्यालय से टूट गया है।

बताया गया है कि पिछले वर्ष आई बाढ़ में इस मार्ग पर बना स्थायी पुल बह गया था। स्थायी पुल के पुनर्निर्माण में देरी के चलते प्रशासन की ओर से ग्रामीणों की आवाजाही के लिए अस्थाई पुलिया बनाई गई थी। अब भारी बारिश में वह भी बह गई, जिससे ग्रामीणों के सामने आवागमन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

जरूरी सामान और इलाज के लिए जोखिम उठा रहे ग्रामीण

अस्थाई पुलिया बहने के बाद प्रभावित गांवों के लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों का सामान लाने और आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में परेशानी हो रही है। ग्रामीण कई जगह उफनते नालों और तेज बहाव वाले रास्तों को पार करने का जोखिम उठा रहे हैं।

क्षेत्र में लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के तेज बहाव में नहीं जाने और पानी कम होने तक आवागमन से बचने की अपील की है।

स्कूलों में छुट्टी घोषित

भारी बारिश और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पन्ना कलेक्टर ने अजयगढ़ क्षेत्र सहित जिले के सभी शासकीय और अर्धशासकीय विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है। प्रशासन का उद्देश्य विद्यार्थियों को जलभराव और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में आवागमन से होने वाले जोखिम से बचाना है।

नदी-नालों पर निगरानी बढ़ाई

तहसीलदार सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उफनती नदियों और नालों के किनारे कोटवारों की तैनाती की गई है। संबंधित हल्का पटवारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को चेतावनी दी जा रही है कि जलस्तर अधिक होने की स्थिति में किसी भी नदी या नाले को पार न करें। अधिकारियों का कहना है कि पानी का बहाव कम होने और मार्ग सुरक्षित होने के बाद ही आवागमन बहाल किया जाएगा। फिलहाल प्रशासनिक अमला क्षेत्र की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश पांडे