रीवा एयरपोर्ट पर बड़ी लापरवाही, 48 सीटर विमान भेजकर 15 यात्रियों को रोका, युवती का इंटरव्यू छूटा

 


रीवा, 04 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रीवा एयरपोर्ट पर रविवार रात एयरलाइन की गंभीर लापरवाही सामने आई, जहां कन्फर्म टिकट होने के बावजूद 15 यात्रियों को दिल्ली जाने वाली फ्लाइट में बोर्डिंग से रोक दिया गया। जिसका कारण 72 सीटों की बुकिंग के बावजूद 48 सीटों वाला छोटा विमान भेज दिया गया।

घटना रविवार रात करीब 9 बजे की है। यात्रियों के अनुसार, उन्हें विमान बदलने की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई, जिससे एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी और गुस्से का माहौल बन गया। अमरपाटन निवासी शिवानी जैन ने बताया कि उन्हें दिल्ली में एक जरूरी इंटरव्यू के लिए जाना था। जिसके लिए वाे तय समय से करीब दो घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंच गई थीं, लेकिन बोर्डिंग के दौरान उन्हें यह कहकर रोक दिया गया कि सिस्टम में उनके नाम का टिकट मौजूद नहीं है। शिवानी का आरोप है, “करीब एक घंटे तक इंतजार कराने के बाद आखिर में कहा गया कि सीटें कम हैं, इसलिए मैं यात्रा नहीं कर सकती।” इस घटना के कारण उनका महत्वपूर्ण इंटरव्यू छूट गया। फ्लाइट रात 9.05 बजे से रीवा एयरपोर्ट से उड़ान भरकर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रात 11.15 बजे पहुंचनी थी।

बिना सूचना बदला विमान, यात्रियों में आक्रोश

यात्रियों का कहना है कि एयरलाइन ने 72 सीटों के हिसाब से टिकट बुक किए, लेकिन अंतिम समय पर 48 सीटर विमान भेज दिया। इस बदलाव की कोई जानकारी पहले नहीं दी गई। नतीजतन, कई यात्रियों को एयरपोर्ट से ही वापस लौटना पड़ा। बोर्डिंग से रोके जाने के बाद यात्रियों और उनके परिजनों ने एयरपोर्ट पर जमकर विरोध किया। जिसका वीडियाे भी सामने आया हैं। वीडियो में मौके पर मौजूद यात्रियों और एयरपोर्ट स्टाफ के बीच तीखी बहस देखी जा सकती है। अन्य यात्रियों ने भी इस अव्यवस्था पर नाराजगी जताई।

अधिकारियों ने मानी गलती, लेकिन बयान नहीं

हंगामे के बीच एयरलाइन और एयरपोर्ट से जुड़े अधिकारियों ने स्वीकार किया कि छोटे विमान के कारण सीटें कम पड़ गईं, जिससे करीब 15 यात्रियों को यात्रा से वंचित रहना पड़ा। हालांकि, अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

सवालों के घेरे में एयर सेवा

रीवा से दिल्ली के लिए नवंबर महीने में 72 सीटर विमान सेवा की शुरुआत की गई थी। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय यात्रियों को तेज और सुविधाजनक कनेक्टिविटी देना था। लेकिन इस घटना ने एयरलाइन की कार्यप्रणाली और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों ने मुआवजे और जवाबदेही की मांग की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे