रीवा के सुंदरजा आम ने भरी वैश्विक उड़ान, जीआई टैग वाले आम की पहली खेप यूएई रवाना
रीवा, 26 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रीवा जिले की पहचान बन चुके जीआई टैग प्राप्त सुंदरजा आम ने अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी दस्तक दे दी है। अपनी खास मिठास, सुगंध और बेहतरीन स्वाद के लिए प्रसिद्ध रीवा सुंदरजा आम की पहली वाणिज्यिक खेप शुक्रवार काे संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के लिए रवाना की गई है। इसे विंध्य क्षेत्र और प्रदेश के कृषि क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
यह निर्यात कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के प्रयासों से संभव हुआ। मध्यप्रदेश शासन के उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, किसान उत्पादक संगठनों, निर्यातकों, पैक हाउस संचालकों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के समन्वित प्रयासों से यह पहल सफल हुई।
मैसर्स साल्ट रेंज फूड्स प्रा. लि. द्वारा 1 मीट्रिक टन जीआई टैग प्राप्त रीवा सुंदरजा आम की पहली व्यावसायिक खेप यूएई भेजी गई है। इसके लिए उच्च गुणवत्ता वाले आम रीवा जिले के गोविंदगढ़ निवासी प्रगतिशील किसान सोनू गुप्ता के बाग से खरीदे गए।
निर्यात के लिए आमों की ग्रेडिंग, छंटाई और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पैकेजिंग एपीडा से मान्यता प्राप्त ट्राईसागर फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, भदोही (उत्तर प्रदेश) के पैक हाउस में की गई। सभी जरूरी फाइटोसैनिटरी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद खेप को वाराणसी हवाई अड्डे से हवाई मार्ग द्वारा यूएई भेजा गया।
किसानों को मिला बेहतर मूल्य
सुंदरजा आम के निर्यात से किसानों की आय में भी बढ़ोतरी हुई है। जहां स्थानीय बाजार में इस आम की कीमत करीब 100 से 110 रुपये प्रति किलोग्राम मिल रही थी, वहीं निर्यात के लिए किसानों से 150 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीद की गई। इससे किसानों को प्रति किलोग्राम करीब 40 से 50 रुपये अतिरिक्त लाभ मिला है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल किसानों को गुणवत्ता आधारित उत्पादन और अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के अनुरूप खेती के लिए प्रेरित करेगी।
वैश्विक पहचान की ओर बढ़ा रीवा सुंदरजा
रीवा सुंदरजा आम को पहले ही उसकी विशेषताओं के कारण भौगोलिक संकेतक (GI) टैग मिल चुका है। रेशारहित गूदा, आकर्षक खुशबू और अनोखे स्वाद के कारण यह आम देशभर में अपनी अलग पहचान रखता है। अब पहली निर्यात खेप के साथ इसे वैश्विक बाजार में नई पहचान मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
वर्चुअल फ्लैग-ऑफ कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों, एपीडा प्रतिनिधियों, निर्यातकों, किसान उत्पादक संगठनों और आम उत्पादक किसानों ने भाग लिया। सभी ने विश्वास जताया कि सुंदरजा आम का यह पहला कदम भविष्य में मध्यप्रदेश के कृषि उत्पादों के निर्यात को नई दिशा देगा और किसानों के लिए आय के नए अवसर पैदा करेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी