रीवा स्टेशन की लिफ्ट में ढाई घंटे फंसे रहे यात्री, नागपुर से इलाज कर लौटे मरीजों में मचा हड़कंप

 


रीवा, 06 मई (हि.स.)। मध्यप्रदेश के रीवा रेलवे स्टेशन पर बुधवार को बड़ा लापरवाही भरा मामला सामने आया, जहां लिफ्ट अचानक बंद हो जाने से कई यात्री करीब ढाई घंटे तक उसमें फंसे रहे। इनमें महिलाएं, बच्चे और बीमार यात्री शामिल थे, जो नागपुर से इलाज कर लौटे थे।

जानकारी के अनुसार, इतवारी-रीवा ट्रेन सुबह करीब 9 बजे स्टेशन पहुंची थी। यात्री फ्लाईओवर से प्लेटफॉर्म क्रमांक 1 की ओर जा रहे थे। इसी दौरान कुछ यात्रियों ने नीचे उतरने के लिए लिफ्ट का उपयोग किया, लेकिन बटन दबाते ही लिफ्ट अचानक बीच में ही बंद हो गई।

लिफ्ट रुकते ही अंदर फंसे यात्रियों में हड़कंप मच गया। शुरुआत में लोगों को लगा कि बिजली गुल होने के कारण लिफ्ट बंद हुई है, लेकिन काफी देर तक चालू नहीं होने पर अंदर फंसे यात्रियों ने मदद के लिए आवाज लगाना शुरू कर दिया।

सूचना मिलने पर स्टेशन प्रबंधन ने तकनीकी स्टाफ को बुलाया। करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर लगभग 12 बजे लिफ्ट को चालू किया जा सका, तब जाकर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

बताया जा रहा है कि लिफ्ट में 4 महिलाएं, 2 बच्चे और एक पुरुष फंसे हुए थे। इनमें से अधिकांश मरीज थे, जो इलाज के लिए नागपुर गए थे और लौटते समय इस हादसे का शिकार हो गए। लंबे समय तक बंद रहने से लिफ्ट के अंदर घुटन जैसी स्थिति बन गई थी, जिससे यात्रियों की हालत बिगड़ने लगी थी।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्टेशन प्रबंधन ने एम्बुलेंस भी बुला ली थी और अस्पताल को अलर्ट कर दिया गया था, हालांकि सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि लिफ्ट का मेंटेनेंस सही ढंग से नहीं किया जा रहा था। साथ ही लिफ्ट संचालन के लिए कोई कर्मचारी भी तैनात नहीं था, जिससे यात्री स्वयं ही उसे संचालित कर रहे थे।

यह घटना रेलवे प्रबंधन की बड़ी लापरवाही को उजागर करती है। यात्रियों ने मांग की है कि स्टेशन पर लगी लिफ्टों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए और उनके संचालन के लिए जिम्मेदार कर्मियों की तैनाती की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी