रीवा में कल्पना मिश्रा मामले में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, धरना स्थल से पिता को उठाया
रीवा, 16 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रीवा में कल्पना मिश्रा और उसके नवजात शिशु की मौत के मामले को लेकर सिरमौर चौराहे पर चल रहे धरने के खिलाफ बुधवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। मेडिकल कॉलेज में आयोजित ईसी की बैठक समाप्त होने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अचानक धरना स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने मंच तक पहुंचकर कल्पना मिश्रा के पिता रामशिरोमणि मिश्रा को अपने कब्जे में लिया और पहले से खड़ी एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल उनके स्वास्थ्य का परीक्षण और उपचार जारी है।
धरना स्थल पर कार्रवाई के दौरान कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस ने धरना स्थल पर मौजूद अन्य लोगों को भी वहां से हटाया। इसके बाद नगर निगम की टीम ने पंडाल और टेंट का सामान समेटना शुरू किया और कुछ ही मिनटों में पूरा धरना स्थल खाली करा दिया गया।
मामला 26 अगस्त की रात का है। रीवा में कल्पना मिश्रा और उसके नवजात शिशु की सीजर ऑपरेशन के बाद मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग शुरू कर दी थी। शुरुआत में अस्पताल प्रबंधन की ओर से मामले को शांत कराने के लिए कुछ नर्सों को निलंबित किया गया। इसके बाद भी परिजन संतुष्ट नहीं हुए। डीन डॉ. सुनील अग्रवाल ने दो डॉक्टरों को भी निलंबित कर दिया। इन कार्रवाइयों के बाद भी कल्पना मिश्रा के पिता और परिजनों का विरोध जारी रहा।
अस्पताल में कार्रवाई के बावजूद मांगें पूरी नहीं होने का आरोप लगाते हुए कल्पना मिश्रा के पिता और परिजनों ने 2 सितंबर से सिरमौर चौराहे पर धरना शुरू कर दिया। आंदोलन के दौरान अस्पताल प्रशासन के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग लगातार उठती रही।
आंदोलन के बीच अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को पद से हटा दिया गया। इसके बाद भी धरना समाप्त नहीं हुआ। आंदोलन तेज होने के बाद डीन डॉ. सुनील अग्रवाल को भी पद से हटा दिया गया। इसके बावजूद कल्पना मिश्रा के पिता और परिजनों ने धरना समाप्त नहीं किया। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी कई बार मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत कर धरना समाप्त करने की कोशिश की, लेकिन सहमति नहीं बन सकी।
बुधवार सुबह मेडिकल कॉलेज में ईसी की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक समाप्त होते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सिरमौर चौराहे पर पहुंच गए। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई के लिए पहले से तैयारी दिखाई दी। एंबुलेंस भी चौराहे पर खड़ी थी।
अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे और सीधे मंच तक गए। इसके बाद कल्पना मिश्रा के पिता रामशिरोमणि मिश्रा को वहां से उठाकर एंबुलेंस में बैठाया गया। उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया जा रहा है। धरना स्थल पर कार्रवाई के दौरान कलेक्टर और एसपी भी मौजूद रहे। सीएसपी, कई थानों के थाना प्रभारी और पुलिस बल के अलावा प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर तैनात थे। सिरमौर चौराहे पर कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
प्रशासनिक कार्रवाई के बाद पुलिस ने धरना स्थल को खाली कराया। नगर निगम की टीम ने टेंट और अन्य सामान हटाया। पंडाल का सामान समेटे जाने के बाद कुछ ही मिनटों में सिरमौर चौराहे से धरने का पूरा ढांचा हटा दिया गया। कार्रवाई के दौरान कल्पना मिश्रा के पिता और परिजनों के अलावा कुछ नेता भी धरना स्थल पर मौजूद थे। पुलिस ने वहां मौजूद कुछ नेताओं को भी हिरासत में लिया और पुलिस वाहनों से थाने ले गई। उन्हें मामला शांत होने तक थाने में बैठाकर रखा गया।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद सिरमौर चौराहे पर कई दिनों से चल रहा धरना समाप्त हो गया। कल्पना मिश्रा और उसके नवजात शिशु की मौत के मामले में पहले ही अस्पताल के स्तर पर नर्सों और डॉक्टरों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है तथा अधीक्षक और डीन को भी हटाया जा चुका है। अब प्रशासन की ओर से धरना समाप्त कराने के बाद मामले से जुड़े आगामी कदम पर नजर बनी हुई है।
हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी