जेपी सीमेंट प्लांट पर 40 करोड़ रुपये से अधिक के बकाये का आरोप, भुगतान नहीं होने से कारोबारियों में नाराजगी

 


रीवा, 08 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के नैबस्ता स्थित जेपी सीमेंट प्लांट का स्वामित्व डालमिया भारत सीमेंट के पास जाने के बाद स्थानीय ठेकेदारों, ट्रांसपोर्टरों, सामग्री आपूर्तिकर्ताओं और श्रमिकों की भुगतान संबंधी समस्याएं सामने आई हैं। स्थानीय कारोबारियों का आरोप है कि जेपी प्रबंधन के समय का 40 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया अब तक नहीं चुकाया गया है। इससे प्रभावित लोगों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। बकाया भुगतान और रोजगार से जुड़े आश्वासनों पर अमल नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

कारोबारियों के मुताबिक, प्लांट में ठेकेदारी, मशीनरी, निर्माण कार्य, सामग्री आपूर्ति और परिवहन से जुड़े काम करने वाले लोगों के बिल लंबे समय से लंबित हैं। भुगतान नहीं मिलने के कारण उनके कारोबार पर असर पड़ रहा है। कई लोगों के लिए बैंक का कर्ज चुकाना, कर्मचारियों को वेतन देना और परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।

बकाया भुगतान पर टैक्स चुकाने की भी परेशानी

स्थानीय कारोबारियों ने बताया कि उन्होंने कंपनी से भुगतान मिलने की उम्मीद में काम जारी रखा था। इस दौरान बकाया बिलों पर उन्हें अपनी जेब से जीएसटी और आयकर का भुगतान भी करना पड़ा। उनका कहना है कि करों का भुगतान करने के बावजूद कंपनी से बकाया राशि नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कारोबारियों के अनुसार, एक ओर सरकारी करों की देनदारी पूरी करनी पड़ी, वहीं दूसरी ओर कंपनी से अपनी मेहनत और सेवाओं का पैसा पाने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।

स्वामित्व हस्तांतरण के समय भुगतान का दिया गया था आश्वासन

कारोबारियों का दावा है कि करीब दो वर्ष पहले जेपी से डालमिया समूह को प्लांट का स्वामित्व हस्तांतरित होने के दौरान स्थानीय लोगों के साथ बैठक हुई थी। इसमें दोनों कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भरोसा दिलाया था कि स्थानीय कर्मचारियों का रोजगार प्रभावित नहीं होगा और पुराने बकाये का भुगतान डालमिया समूह की ओर से किया जाएगा।

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस संबंध में समझौते में भी प्रावधान किए जाने की बात कही गई थी। हालांकि, उनका आरोप है कि अब तक बकाया भुगतान नहीं होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कारोबारियों ने प्रबंधन से पुराने बिलों का भुगतान करने और पूर्व में दिए गए आश्वासनों पर अमल करने की मांग की है।

24 जुलाई को प्रशासन को सौंपा था ज्ञापन

भुगतान के मामले में हस्तक्षेप की मांग को लेकर स्थानीय ठेकेदारों, परिवहनकर्ताओं, आपूर्तिकर्ताओं और श्रमिकों ने 24 जुलाई 2026 को हुजूर वृत्त के नैबस्ता स्थित नायब तहसीलदार को सामूहिक ज्ञापन सौंपा था। इसके माध्यम से जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर बकाया राशि दिलाने की मांग की गई थी।

ज्ञापन सौंपे जाने के दो महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का दावा करते हुए कारोबारियों ने एक बार फिर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि लंबे समय से भुगतान नहीं मिलने के कारण अब उनके सामने आंदोलन करने के अलावा विकल्प नहीं बचा है। स्थानीय लोग इस मुद्दे पर बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।

जमीन देकर उद्योग लगाने में किया सहयोग, अब रोजगार और भुगतान का इंतजार

स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमेंट प्लांट और उससे जुड़ी खदानें क्षेत्र के लोगों की जमीन पर संचालित हैं। उद्योग की स्थापना के लिए किसानों ने अपनी जमीनें दी थीं। उस समय क्षेत्र में विकास, रोजगार और स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद की गई थी। लेकिन अब बकाया भुगतान और रोजगार से जुड़ी समस्याओं के कारण प्रभावित लोग खुद को मुश्किलों में घिरा बता रहे हैं।

कारोबारियों के अनुसार, उद्योग से जुड़े स्थानीय लोगों ने निर्माण, परिवहन और सामग्री आपूर्ति जैसे विभिन्न कार्यों में योगदान दिया है। इसके बावजूद पुराने बिलों का भुगतान नहीं होने से उनके सामने आर्थिक संकट बना हुआ है। उनका कहना है कि प्रशासन को हस्तक्षेप कर मामले का समाधान कराना चाहिए, ताकि लंबे समय से लंबित भुगतान मिल सके।

कई कारोबारी और कंपनी से जुड़े लोग भी बकायेदारों में शामिल

ज्ञापन में बकाया राशि से प्रभावित पक्षों के रूप में श्रीराम ट्रांसपोर्ट, श्रीराम रोडवेज, राम राम गुड्स कैरियर, प्रकाश स्ट्रक्चरल, इंटरप्राइजेज, संजीव पांडेय और शुक्ला कंस्ट्रक्शन सहित अन्य नामों का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा जेपी कंपनी के कई अधिकारी-कर्मचारियों के भी भुगतान संबंधी मामले में शामिल होने की बात कही गई है।

स्थानीय कारोबारियों ने मांग की है कि पुराने बकाये का भुगतान कराया जाए और स्वामित्व हस्तांतरण के समय दिए गए आश्वासनों के अनुरूप स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा की जाए। फिलहाल, भुगतान नहीं होने को लेकर असंतोष बना हुआ है और प्रभावित लोग आंदोलन की तैयारी में जुटे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी