रीवाः अवैध कालोनियों पर बड़ा एक्शन 12 भू स्वामियों पर एफआईआर के आदेश

 


रीवा, 07 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। ग्राम गड़रिया में बिना वैध अनुमति कॉलोनी विकसित करने के आरोप में 12 भू-स्वामियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं।

कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने शुक्रवार को संबंधित अधिकारियों को एफआईआर दर्ज कराने, दोषियों की संपत्ति कुर्क करने और जमीनों के पंजीयन पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।

जांच में सामने आया कि कृषि भूमि का डायवर्सन कराए बिना उसे छोटे-छोटे भूखंडों में बांटकर बेचा गया। कॉलोनी विकसित करने के लिए न तो सक्षम प्राधिकारी से अनुमति ली गई और न ही नगर एवं ग्राम निवेश विभाग के नियमों का पालन किया गया।

प्रशासन के अनुसार कॉलोनी में बिना स्वीकृति कच्ची सड़कें बनाई गईं, लेकिन पेयजल, ड्रेनेज और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था नहीं की गई। इससे शासन को राजस्व और अन्य शुल्कों का नुकसान भी हुआ।

एसडीएम हुजूर की जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित भू-स्वामियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। कई लोगों ने पारिवारिक जरूरत, कर्ज और इलाज के लिए जमीन बेचने की बात स्वीकार की, लेकिन अवैध कॉलोनी विकसित करने के आरोपों से इनकार किया।

दस्तावेजों की जांच में किसी भी भू-स्वामी के पास कॉलोनी विकास, डायवर्सन या नगर एवं ग्राम निवेश विभाग की वैध अनुमति नहीं मिली। इसके बाद कलेक्टर ने सभी जवाबों को असंतोषजनक मानते हुए कार्रवाई के आदेश दिए।

प्रशासन की ओर से निम्नलिखित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं

संबंधित भू-स्वामियों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।

दोषियों की अन्य भूमि या बची हुई जमीन कुर्क की जाए।

संबंधित खसरों में 'अवैध कॉलोनी' की प्रविष्टि दर्ज की जाए।

नामांतरण और नई रजिस्ट्री पर तत्काल रोक लगाई जाए।

बिजली कंपनी नए बिजली कनेक्शन जारी न करे।

ग्राम पंचायत निर्माण अनुमति जारी न करे।

शासन को हुई आर्थिक क्षति की वसूली की जाए।

इन 12 भू-स्वामियों पर होगी कार्रवाई

कार्रवाई के दायरे में गिरिवरधारी दुबे, रामलली दुबे, गोमती प्रसाद दुबे, श्रीनिवास विश्वकर्मा, प्रेमवती विश्वकर्मा, अनीता विश्वकर्मा, संजू उर्फ अंजू विश्वकर्मा, चिड्डी विश्वकर्मा, धनवंती रजक, पूनम विश्वकर्मा, सुरेश कुमार उपाध्याय और देवेंद्र कुमार तिवारी शामिल हैं।

प्रशासन के मुताबिक, देवेंद्र कुमार तिवारी ने नोटिस का कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया, जिसके चलते उनके खिलाफ एकपक्षीय कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं।

कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने स्पष्ट कहा कि बिना वैध अनुमति कॉलोनी विकसित करना भू-राजस्व संहिता, नगर एवं ग्राम निवेश अधिनियम तथा पंचायत एवं ग्राम स्वराज अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। उन्होंने कहा कि जिले में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी