जहां बाढ़ का पानी है वहां राहत कैंप खोले, कोई भी पीड़ित परेशान न हो मुख्यमंत्री

 


रीवा, 23 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रीवा में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा उपरांत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जहां-जहां अभी भी बाढ़ का पानी है वहां कलेक्टर्स राहत शिविर खोलें। राहत शिविर में बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री, पीने के लिए शुद्ध पेयजल एवं चिकित्सा सुविधा अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को रीवा एयरपोर्ट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रीवा एवं शहडोल संभाग के कमिश्नर एवं रीवा एवं शहडोल संभाग के जिलों के कलेक्टर्स को बाढ़ राहत एवं बचाव कार्य के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां-जहां बाढ़ प्रभावित क्षेत्र हैं वहां पर किसी भी प्रकार की जनहानि और पशु हानि न होने पाए। जनहानि एवं पशु हानि से बचाव के सभी उपाय सुनिश्चित किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने रीवा एवं शहडोल संभाग के कमिश्नर को निर्देश दिए कि वह बाढ़ से हुए नुकसान का वास्तविक आंकलन करने के लिए टेक्निकल सर्वे दल का गठन कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान का सर्वे कराएं और जहां-जहां फसल क्षति की सूचना है वहां पर भी सर्वे दल जाकर प्राथमिकता से फसल क्षति का आकलन करें। जहां फसल क्षति हुई है वहां पर प्राथमिकता से प्रभावितों को जल्द से जल्द राहत राशि देना भी सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम किसानों को कम पानी वाली फसल लेने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि हम ऐसा माहौल बनाएं कि अगली बार किसान कम पानी वाली फसल लगाने के लिए प्रेरित हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पटवारियों के माध्यम से कच्चे एवं क्षतिग्रस्त मकानो का भी सर्वे करा लिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश के दौरान सर्पदंश की घटनाएं न घटित होने पाए, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग अभी से सभी आवश्यक उपाय सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग भी तत्परता से राहत कार्य में सहयोग करे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर को निर्देश दिए की बाढ़ के दौरान घरों में पानी न घुसे इसके लिए प्रशासनिक अमला सभी आवश्यक उपाय सुनिश्चित करे। मुख्यमंत्री ने सीधी जिले में अत्यधिक वर्षा के चलते नवनिर्मित सड़क के बह जाने की घटना को गंभीरता से लेते हुए रीवा संभाग के कमिश्नर को निर्देश दिए कि वह सड़क बहने की घटना की टेक्निकल टीम से जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रीवा एवं शहडोल संभाग के कमिश्नर एवं रीवा, सतना, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, जबलपुर जिले के कलेक्टर से आमने-सामने चर्चा कर बाढ़ के दौरान अलर्ट मोड पर कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए की सभी नगरीय निकायों एवं गांवों में विशेष साफ-सफाई का अभियान प्रारंभ किया जाए ताकि वर्षा के दौरान हर प्रकार की बीमारी को एवं संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। उन्होंने राजस्व विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, चिकित्सा विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने कार्य स्थल एवं फील्ड में 24 घंटे मुस्तैद रहने के निर्देश दिए और कहा कि यह सभी विभाग अपने-अपने दल बनाकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाकर राहत एवं बचाव का कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि बाढ़ से प्रभावित लोगों का घर, सामान एवं खाने-पीने की वस्तुएं नष्ट हो गई हैं तो उन्हें तत्काल आरबीसी 6/4 के तहत सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि राहत शिविर में साफ सफाई का भी विशेष ध्यान रखा जाए। साफ-सफाई के अभाव में कोई भी संक्रामक बीमारी न फैलने पाए। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टर को निर्देश दिए कि जहां-जहां बाढ़ का पानी उतर गया है वहां शासकीय अमले को भेजकर लोगों के भोजन एवं शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने पाए। पीने के पानी की शुद्धता के संबंध में निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जल स्रोतों एवं हैंडपंपों में ब्लीचिंग पाउडर डालकर क्लोरिनेशन कराया जाए, साथ ही ऐसे सभी गांवों में और नगरीय क्षेत्र के वार्डों में जहां बाढ़ का प्रकोप रहा है वहां विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित कर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दौरान बुखार एवं सर्दी जुकाम के मरीजों को भी गंभीरता से लिया जाए और उनका पूरी तरह इलाज किया जाए ताकि किसी भी तरह की महामारी की स्थिति निर्मित न होने पाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी