बीहर पुल में तकनीकी खराबी से हाईवे पर जाम, शहर की ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई
रीवा, 16 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रीवा के बीहर बायपास पुल में आई तकनीकी खराबी और दरार के कारण शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। पिछले करीब 15 दिनों से हालात बिगड़े हुए हैं और शहर के प्रमुख मार्गों पर लगातार जाम की स्थिति अभी भी बनी हुई है।
पहले सतना, मैहर, जबलपुर से प्रयागराज और वाराणसी की ओर जाने वाले भारी वाहन बायपास मार्ग से निकलते थे, जिससे शहर के भीतर ट्रैफिक दबाव कम रहता था। लेकिन पुल बंद होने के बाद अब छोटे-बड़े सभी वाहन शहर के अंदर से गुजर रहे हैं, जिसका असर विशेष रूप से मॉडल रोड और अन्य व्यस्त मार्गों पर साफ दिखाई दे रहा है।
दिन के समय भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध होने से ट्रक और अन्य बड़े वाहन रतहरा और चोरहटा क्षेत्र में खड़े रहते हैं। रात 11 बजे नो-एंट्री समाप्त होते ही ये वाहन तेज रफ्तार से शहर में प्रवेश करते हैं, जिससे छोटे वाहन चालकों, पैदल यात्रियों और दोपहिया सवारों को जोखिम का सामना करना पड़ता है।
प्रशासन ने भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए हैं, लेकिन दूरी अधिक होने के कारण चालक उनका उपयोग नहीं कर रहे। समय और ईंधन बचाने के लिए अधिकांश वाहन चालक शहर के बाहर इंतजार करते हैं और रात में शहर के भीतर से ही गुजरते हैं।
आज ड्रायवर्जन के चलते करीब 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। भारी वाहनों की अधिक संख्या के कारण छोटे वाहन भी बुरी तरह फंस गए। स्थिति यह रही कि कल से लगा जाम देर तक नहीं खुल सका और वाहन कछुआ चाल से आगे बढ़ते रहे। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं आपातकालीन सेवाओं और रोजमर्रा के कामकाज पर भी असर पड़ा।
शादी सीजन शुरू होने से चिंता और बढ़ गई है। चोरहटा से रतहरा के बीच लगभग 20 विवाह स्थल हैं, जबकि मॉडल रोड पहले से ही व्यस्त रहता है। ऐसे में बारात, डीजे और अतिरिक्त यातायात के चलते ट्रैफिक व्यवस्था संभालना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। स्थिति को और गंभीर होटल लैंडमार्क के पास सड़क का संकरा होना बना रहा है, जहां सीवर लाइन कार्य के चलते मार्ग वन-वे हो गया है।
राजीव पाठक ने बताया कि बीहर नदी पुल में दरार आने के बाद यातायात का दबाव शहर में बढ़ गया है। भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं, लेकिन अधिकांश वाहन रीवा होकर ही गुजरते हैं। उन्हें रात 11 बजे के बाद निकलने की अनुमति दी जाती है।
प्रशासन द्वारा यातायात सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन मौजूदा स्थिति को देखते हुए शहरवासियों को राहत दिलाने के लिए ठोस और प्रभावी ट्रैफिक योजना की जरूरत महसूस की जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी