मंत्री सारंग ने की अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स की प्रगति की समीक्षा, कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश
खेल परिसर मप्र की प्रतिभाओं के लिए विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं का बनेगा प्रमुख केंद्र : मंत्री सारंग
भोपाल, 22 जुलाई (हि.स.) । मध्य प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को भोपाल के टीटी नगर स्टेडियम में बरखेड़ा नाथू स्थित अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के निर्माण एवं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सभी कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
इस दौरान बैठक में कॉम्पलेक्स में विकसित की जा रही खेल अधोसंरचना, सुरक्षा व्यवस्था, जनसुविधाओं, ऊर्जा प्रबंधन तथा निर्माण कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री सारंग ने कहा कि यह खेल परिसर मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभाओं के लिए विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। इसलिए निर्माण के प्रत्येक कार्य में गुणवत्ता, पारदर्शिता और तकनीकी मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं।
अब 5 प्रवेश द्वारों से होगी आसान आवाजाही
बैठक में मंत्री सारंग के निर्देशानुसार खेल परिसर में प्रवेश एवं निकास व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए दो नए प्रवेश द्वार जोड़े जाने की जानकारी दी गई। पहले परिसर में तीन गेट थे, जिन्हें बढ़ाकर अब कुल पांच प्रवेश द्वार विकसित किए जा रहे हैं। इससे खिलाड़ियों, दर्शकों, अधिकारियों एवं आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही अधिक सुगम और व्यवस्थित होगी।
परिसर के चारों ओर सड़क चौड़ीकरण और आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था
समीक्षा बैठक में बताया गया कि मंत्री सारंग के निर्देशानुसार पूरे खेल परिसर के चारों ओर सड़कों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। साथ ही हरित क्षेत्र के संरक्षण के लिए आधुनिक स्प्रिंकलर सिस्टम विकसित किया जा रहा है तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप फायर सेफ्टी व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा रहा है। परिसर में अग्निशमन उपकरणों की स्थापना, आपातकालीन पहुंच मार्ग तथा अन्य सुरक्षा उपायों को भी प्राथमिकता से पूरा किया जा रहा है।
सभी सार्वजनिक सुविधाओं पर लगाए जाएंगे आधुनिक साइनेज
मंत्री सारंग ने निर्देश दिए कि खिलाड़ियों एवं आगंतुकों की सुविधा के लिए परिसर में स्थित सभी सार्वजनिक उपयोगिता स्थलों पर स्पष्ट, आकर्षक एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप साइनेज लगाए जाएं। इसके लिए अलग से विस्तृत प्रोजेक्ट प्लान तैयार कर शीघ्र कार्य शुरू किया जाए, ताकि परिसर में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को आवश्यक सुविधाओं तक आसानी से पहुंच मिल सके।
हैंडओवर प्रक्रिया होगी पूरी तरह पारदर्शी
मंत्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खेल परिसर के हैंडओवर एवं टेकओवर की प्रक्रिया पूर्ण तकनीकी सत्यापन के बाद ही संपन्न की जाए। बिना वेरिफिकेशन किसी भी संरचना को स्वीकार न किया जाए। साथ ही सभी मरम्मत योग्य कार्यों का विस्तृत फ्लो चार्ट तैयार कर चरणबद्ध कार्ययोजना बनाई जाए, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से होगा खेल परिसर का समग्र विकास
उन्होंने निर्देश दिए कि परिसर में पानी, बिजली, स्वच्छता, पार्किंग, आईटी सर्वर रूम, प्रशासनिक भवन, आधुनिक ऑडिटोरियम तथा अन्य सभी मूलभूत एवं आधुनिक सुविधाओं का विकास प्राथमिकता से किया जाए। खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक सुविधा को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए गए।
थर्ड पार्टी ऑडिट से होगी गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच
मंत्री सारंग ने खेल परिसर के निर्माण कार्यों एवं विकसित की जा रही सुविधाओं का थर्ड पार्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए, ताकि गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की निष्पक्ष समीक्षा सुनिश्चित की जा सके तथा परियोजना की विश्वसनीयता बनी रहे।
ग्रीन एनर्जी को मिलेगा बढ़ावा
बैठक में मंत्री सारंग ने परिसर में ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सोलर एनर्जी के अधिकतम उपयोग पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि केवल इस परिसर ही नहीं बल्कि प्रदेश के सभी खेल परिसरों में चरणबद्ध तरीके से सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्थाएं विकसित करने की कार्ययोजना तैयार की जाए।
कैफेटेरिया, पार्किंग एवं अन्य सुविधाओं पर भी विशेष जोर
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खिलाड़ियों एवं आगंतुकों की सुविधा के लिए परिसर में आधुनिक कैफेटेरिया विकसित किया जाए। साथ ही सभी ब्लॉकों में दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग, अतिरिक्त प्रवेश द्वार, बाउंड्री वॉल के समानांतर सड़क निर्माण, हॉर्टिकल्चर, विद्युत व्यवस्था तथा अन्य सभी आवश्यक कार्यों के लिए अलग-अलग प्रोजेक्ट प्लान तैयार कर शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
मंत्री सारंग ने यह भी निर्देश दिए कि निर्माण एजेंसी किसी भी संबद्ध एजेंसी को भुगतान करने से पहले खेल विभाग से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) प्राप्त करेगी तथा सभी आवश्यक उपकरणों की खरीदी विभागीय अनुमोदन के बाद ही की जाएगी। बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत