मंदसौर : स्मार्ट मीटरों के विरोध में सड़कों पर उतरे नागरिक बिजली बिलों में बढ़ोतरी का लगाया आरोप
मंदसौर, 05 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट बिजली मीटरों के विरोध में के मंदसौर शहर में शुक्रवार को बड़ी संख्या में नागरिकों ने बिजली वितरण कंपनी के कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उनकी जांच कराने और बढ़े हुए बिजली बिलों में राहत देने की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व जिला पंचायत सदस्य दीपक सिंह गुर्जर ने किया। इस दौरान कार्यपालन अभियंता एवं मुख्य जिला अधिकारी, विद्युत वितरण कंपनी के नाम ज्ञापन सौंपकर उपभोक्ताओं की समस्याओं से अवगत कराया गया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। उनका कहना है कि जिन परिवारों का मासिक बिजली बिल पहले 300 से 500 रुपये के बीच आता था, अब वह बढ़कर 2500 से 3000 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं कुछ उपभोक्ताओं को 5 हजार से 15 हजार रुपये तक के बिल प्राप्त हो रहे हैं।
नागरिकों का कहना है कि बिजली की खपत या घरों में उपयोग होने वाले उपकरणों की संख्या में कोई विशेष बदलाव नहीं हुआ है, इसके बावजूद बिलों में भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है। इससे उपभोक्ताओं में स्मार्ट मीटरों की सटीकता और कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि घरों में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं होने या अधिकांश विद्युत उपकरण बंद रहने के बावजूद मीटर लगातार खपत दर्ज कर रहे हैं। ऐसे मामलों की निष्पक्ष और तकनीकी जांच कराए जाने की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर उपभोक्ताओं की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि बिजली दरों में वृद्धि और स्मार्ट मीटरों के बाद बढ़े हुए बिलों ने आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है।
नागरिकों ने प्रशासन और बिजली कंपनी से मांग की है कि स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली की स्वतंत्र जांच कराई जाए, उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान किया जाए और यदि कहीं तकनीकी त्रुटियां पाई जाती हैं तो प्रभावित उपभोक्ताओं को राहत प्रदान की जाए। फिलहाल इस मुद्दे को लेकर शहर में चर्चा और विरोध का माहौल बना हुआ है।
हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया