रेडक्रॉस अशोकनगर में खेला चुनाव के 4 माह बाद भी चार्ज नहीं, पर तिजोरी से खाली हुए लाखों!

 


अशोकनगर, 10 अप्रैल(हि.स.)। मध्य प्रदेश के अशोकनगर में मानवता की सेवा का संकल्प लेने वाली संस्था भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी इन दिनों अशोकनगर में खुद बीमार नजर आ रही है। विडंबना देखिए कि लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई नई कार्यकारिणी को 4 महीने बाद भी कार्यभार (चार्ज) नहीं सौंपा गया है, लेकिन संस्था के बैंक खातों से लाखों रुपये बिना बताए शिवपुरी में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में भेजे गए और भेजे जाने की तैयारी है।

पड़ोसी की दावत, अशोकनगर से पेमेंट!शुक्रवार को सभापति डॉ. जयमण्डल यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। उपसभापति राजीव जाट और सचिव संजय रघुवंशी ने बताया कि मार्च महीने में शिवपुरी में आयोजित एक स्वास्थ्य शिविर के नाम पर अशोकनगर रेडक्रॉस से 10 लाख रुपये स्थानांतरित कर दिए गए। बड़ा सवाल उठा है कि जब नई टीम को काम करने का अधिकार ही नहीं मिला, तो फिर किसकी जादुई कलम से यह मोटी रकम शिवपुरी भेज दी गई?

दावों का पंचनामा 5 हजार मरीज या सिर्फ कागजी घोड़े?इस पूरे मामले में दावों और हकीकत के बीच गहरी खाई नजर आ रही है रेडक्रॉस सचिव संजय रघुवंशी का कहना है कि उन्हें पता ही नहीं कि अशोकनगर से कितने मरीज शिवपुरी इलाज कराने गए। वहीं सीएमएचओ डॉ. अलका त्रिवेदी का दावा है कि अशोकनगर से 5 हजार मरीज शिवपुरी पहुंचे। वहीं 10 लाख रुपये जाने के बाद एक और नया झटका सामने आया है कि अब 11 लाख रुपये का बस भाड़े का एक और नया बिल भुगतान के लिए सामने आया है।

विधायक का कड़ा रुख: जनता की कमाई का हिसाब दे प्रशासन:अशोकनगर विधायक इंजी. हरिबाबू राय ने इस मामले पर सख्त हैरानी जताई है। उन्होंने सीधे तौर पर प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए कुछ चुभते सवाल पूछे हैं कि निर्वाचित बॉडी को अब तक चार्ज क्यों नहीं दिया गया? किसकी अनुमति से जनता का पैसा दूसरे जिले में भेजा गया? जो बसें गईं, उनके नंबर क्या थे और उनमें कौन-कौन से मरीज सवार थे?

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हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार