मंदसौरः विश्व पृथ्वी दिवस पर जल संरक्षण विषय पर हुआ कार्यशाला का आयोजन
मंदसौर, 22 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मंदसौर में बुधवार को विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर जल गंगा जल संवर्धन अभियान के अंतर्गत कुशाभाऊ ठाकरे आडिटोरियम में जल संरक्षण विषय पर एक विस्तृत कार्यशाला का आयोजन किया गया।
यह कार्यशाला सार्थक एनजीओ के माध्यम से संपन्न हुई, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों, विशेषज्ञों, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से कलेक्टर अदिती गर्ग, पद्मश्री महेश शर्मा, भूजल वैज्ञानिक सुनील चतुवेर्दी, सार्थक एनजीओ की संस्थापक डॉ. उर्मिला तोमर सहित ग्राम सचिव, सहायक सचिव एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए कलेक्टर अदिती गर्ग ने जल संरक्षण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जिले में ह्लजल गंगा जल संवर्धन अभियानह्व के अंतर्गत लगभग 6000 छोटे-बड़े कार्य संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण का कोई भी प्रयास छोटा नहीं होता, बल्कि छोटे-छोटे कार्य ही लंबे समय में बड़े परिणाम देते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मॉडल कार्य किए जाएं जिन्हें अन्य लोग भी अपनाएं और उनका अनुसरण करें। जिले में कंटूर ट्रेंच जैसे कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि पौधारोपण भी वैज्ञानिक तरीके से, उचित समय, स्थान और प्रजाति के अनुसार किया जाना चाहिए ताकि पौधों की बेहतर वृद्धि सुनिश्चित हो सके।
कार्यक्रम में पद्मश्री महेश शर्मा, जिन्हें जल ऋषि की उपाधि से सम्मानित किया गया, ने पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के महत्व पर जोर दिया। भूजल वैज्ञानिकसुनील चतुवेर्दी ने अपने संबोधन में बताया कि विश्व का लगभग 70 प्रतिशत पानी स्वच्छ नहीं है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है।
इस अवसर पर जल गंगा जल संवर्धन अभियान के अंतर्गत स्कूलों द्वारा आयोजित चित्रकला, रंगोली एवं पर्यावरण एवं जल संरक्षण विषय पर आयोजित प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मंच से सम्मानित किया गया। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों द्वारा जल संरक्षण से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे गए, जिनका विशेषज्ञों द्वारा सरल एवं वैज्ञानिक तरीके से समाधान प्रस्तुत किया गया।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया