रानीदुर्गावती विश्विद्यालय में बवाल: छात्रा ने कुलगुरू की गाड़ी रोकी, एनएसयूआई कार्यकर्ता हिरासत में

 


जबलपुर, 01 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय परिसर में बुधवार को परीक्षा परिणाम और रीचेकिंग को लेकर जमकर हंगामा हुआ।

बीपीएड चतुर्थ सेमेस्टर की एक छात्रा ने रीचेकिंग के बाद भी अंक नहीं बढ़ने से नाराज होकर कुलगुरू प्रो. राजेश कुमार वर्मा की गाड़ी के सामने खड़े होकर उनका रास्ता रोक दिया। स्थिति ऐसी बन गई कि कुलगुरू को अपनी गाड़ी वापस मोड़कर दूसरे मार्ग से परिसर से बाहर जाना पड़ा। वहीं, इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

जानकारी के अनुसार, लालमाटी निवासी बीपीएड चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा निकिता रजक ने आरोप लगाया कि 'स्पोर्ट्स मैनेजमेंट' विषय में उसे अपेक्षा से काफी कम अंक दिए गए। उसने पुनर्मूल्यांकन (रीवैल्यूएशन) और रीचेकिंग कराई, लेकिन परिणाम में कोई बदलाव नहीं हुआ। छात्रा का दावा है कि उत्तरपुस्तिका देखने के दौरान उसने उसका वीडियो भी बनाया, जिसमें दो प्रश्नों का मूल्यांकन नहीं किए जाने की बात स्पष्ट दिखाई दे रही है। इसके बावजूद रीचेकिंग के बाद भी अंक यथावत रखे गए।

बुधवार को जब कुलगुरू प्रो. राजेश कुमार वर्मा अपनी कार से परिसर से बाहर निकल रहे थे, तभी छात्रा उनकी गाड़ी के सामने आकर खड़ी हो गई और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। मौके पर मौजूद शिक्षकों और अधिकारियों ने छात्रा को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह निष्पक्ष जांच और उत्तरपुस्तिका के दोबारा मूल्यांकन की मांग पर अड़ी रही। हालात को देखते हुए कुलगुरू को अपना वाहन वापस मोड़कर दूसरे गेट से निकलना पड़ा।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद एनएसयूआई भी छात्रा के समर्थन में उतर आई। संगठन ने मुख्यमंत्री के जबलपुर प्रवास के दौरान उन्हें ज्ञापन सौंपकर विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था और कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन की योजना बनाई थी। हालांकि, मुख्यमंत्री का काफिला जिस मार्ग से गुजरने वाला था, वहां पहले से तैनात पुलिस ने एनएसयूआई प्रभारी अचल नाथ सहित कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर प्रदर्शन की योजना विफल कर दी।

एनएसयूआई प्रभारी अचल नाथ ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था में लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं और संगठन पिछले कई महीनों से प्रशासन को इस संबंध में अवगत करा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक