जबलपुरः सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मदनमहल पहाड़ी से मकानों को हटाने का कार्य शुरू
जबलपुर, 07 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित मदन महल पहाड़ी पर शनिवार को जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। यह कार्रवाई उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद की जा रही है।
प्रशासन के अनुसार पहाड़ी पर बने लगभग 650 अवैध अतिक्रमणों को हटाया जाना है, शनिवार को कार्रवाई की शुरुआत में प्रशासनिक अमले ने सब्बल और हथौड़ों की मदद से अतिक्रमण हटाने का काम शुरू किया। वहीं कुछ लोगों ने स्वयं भी अपने अवैध निर्माण हटाना शुरू कर दिया। पहाड़ी के कठिन और ऊंचे हिस्सों में बने अतिक्रमण मजदूरों द्वारा हथौड़ों से तोड़े जा रहे हैं, जबकि जहां संभव है वहां जेसीबी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है।
हंगामा और विवाद की आशंका को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन के अनुसार पहाड़ी क्षेत्र में अवैध निर्माणों को पहले ही चिन्हित कर लिया गया था और अब उन्हें क्रमबद्ध तरीके से हटाया जा रहा है। पुरवा क्षेत्र स्थित आईसीएमआर कार्यालय के समीप बड़ी संख्या में मशीनरी और डंपर तैनात किए गए हैं। यहां अवैध मकानों और बाउंड्री वॉल को गिराने का काम तेजी से किया जा रहा है। निगमायुक्त रामप्रसाद अहिरवार का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पहाड़ी की मूल भूमि को पुनः प्राप्त करना और उसके प्राकृतिक स्वरूप को संरक्षित करना है। प्रशासन के अनुसार पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त होने के बाद शहर की इस ऐतिहासिक पहाड़ी को रानी दुर्गावती की स्मृति में करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा।
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि पूर्व में किए गए सर्वे के आधार पर अतिक्रमण चिन्हित किए गए थे और आज से उन्हें हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विस्थापित किए जा रहे लोगों के लिए अस्थायी व्यवस्था की जा रही है। उन्हें तिरपाल, भोजन और पानी उपलब्ध कराया जा रहा है तथा चिन्हित पुराने अतिक्रमणकारियों को तेवर ग्राम में विस्थापित किया जा रहा है।
गोरखपुर एसडीएम अनुराग सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यह अभियान शुरू किया गया है। पहले दिन कुछ अतिक्रमणकारियों ने विरोध और मांगें रखीं, जिनमें से संभव मांगों पर प्रशासन विचार कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा और मई माह तक मदन महल पहाड़ी को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कर दिया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक