मध्य प्रदेश में रक्षाबंधन, बलराम जयंती और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर होंगे अनेक आयोजन
- भोपाल में 7 दिवसीय श्रीरासलीला समारोह सहित प्रदेशभर में होंगे आयोजन
भोपाल, 26 अगस्त (हि.स.) । रक्षाबंधन, बलराम जयंती एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मध्य प्रदेश में विभिन्न आयोजन होंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, संस्कृति, किसान कल्याण तथा कृषि विकास,महिला एवं बाल विकास,लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, पर्यटन, जेल, गृह, पशुपालन,जनजातीय कार्य विभाग सहित कमिश्नर और कलेक्टर्स को निर्देश जारी किए है।
रक्षाबंधन पर्व पर आयोजन
जनसंपर्क अधिकारी राजेश बैन ने बुधवार को बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी परिपत्र अनुसार रक्षाबंधन पर्व 28 अगस्त, 2026 को सामाजिक रिश्तों से प्रकृति तक विस्तार कर जल, प्रकृति और पर्यावरण से गहन संबंध के रक्षण का संकल्प एवं आह्वान के लिए विभिन्न वर्ग को जोड़ने के लिए एक राखी एक संकल्प, रक्षासूत्र एक राखी एक रिश्ता, पेड़ को राखी-प्रकृति से भाईचारा जैसी गतिविधियाँ जनसहभागिता के साथ आयोजित की जायेगी। छात्रों के लिए स्कूलों में प्रकृति की रक्षा के लिए कहानी, पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की जायेगी। रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में प्रसंग के अनुरुप आयोजन होंगे।
बलराम कृषि महोत्सव पर आयोजन
बलराम जयंती 2 सितम्बर 2026 के अवसर पर बलराम कृषि महोत्सव के तहत कृषि संबंधी पारंपरिक कलारुपों की विशेष प्रस्तुतियों के साथ आधुनिक कृषि उपकरण एवं बीज और प्राकृतिक खेती केन्द्रित प्रदर्शनी, सह-संवाद जैसी गतिविधियाँ आयोजित की जायेगी।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर प्रतियोगिताएं एवं सांस्कृतिक आयोजन
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितम्बर 2026 को प्रदेशभर में भव्य स्तर पर मनायी जायेगी। जन्माष्टमी बाललीला का पर्व है, इसीलिए बच्चों को विशेष रूप से आयोजनों से जोड़ने के लिए स्कूलों में मटकी प्रतियोगिता, बांसुरी प्रतियोगिता, जीवंत झांकी निर्माण, श्रीकृष्ण से जुड़े प्रसंगों पर तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता, छोटे बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण के बालस्वरूप में तैयार कर विशेष प्रस्तुति स्कूलों में आयोजित होगी। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रत्येक जिले में कृष्ण मंदिरों,मठों, देवालयों का विशेष श्रृंगार एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों में स्वच्छता अभियान, मटकी सज्जा प्रतियोगिता, मटकी फोड़ प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, स्थानीय कलाकारों द्वारा बांसुरी वादन, भजन गायन, झांकी ('कृष्ण जन्म', 'वृंदावन', 'गोवर्धन पूजा', 'गीता उपदेश' जैसी जीवंत झांकियाँ, दीप-प्रज्ज्वलन एवं सामुहिक आरती जैसी गतिविधियाँ आयोजित की जायेगी।
प्रदेश के लगभग 81 प्रमुख श्रीकृष्ण मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर भजन, कीर्तन व अन्य भक्तिमय कार्यक्रम के लिए कलादल,भजन मंडलियों,सांस्कृतिक दलों की प्रस्तुति के लिए कलादल श्रीकृष्ण पाथेय न्यास, भोपाल के द्वारा जिला प्रशासन के माध्यम से सुनिश्चित कर प्रस्तुति करायी जायेगी।
मुख्यमंत्री निवास में 4 सितम्बर को होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
मुख्यमंत्री निवास पर 4 सितम्बर 2026 को आयोजित कार्यक्रम में भक्ति गायन, लोकनृत्य एवं मटकी फोड कार्यक्रम एवं 1000 से अधिक छोटे बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण के बालस्वरूप में तैयार कर परिजन सहित आमंत्रित किया जायेगा। इस अवसर पर माखन-मिश्री, लड्डू गोपाल एवं श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप तथा विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से दी गई शिक्षा पर केन्द्रित साहित्य बच्चों को भेंट किये जायेगी।
29 अगस्त से 04 सितम्बर (सप्ताह) में बच्चों के लिए विशेष पोषण तथा स्वास्थ्य शिविर आयोजित होंगे। समस्त आंगनवाड़ी केन्द्रों एवं प्राथमिक शालाओं में जन्माष्टमी के अवसर पर बच्चों के विशेष पोषण के लिए भोजन व्यवस्था करायी जाएंगी।
भोपाल में 7 दिवसीय श्रीरासलीला समारोह सहित प्रदेशभर में होंगे आयोजन
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय होटलों में ऐसे वातावरण का निर्माण करने के प्रयास होंगे जिससे पर्यटकों को आस्था का अनुभव कराया जा सके। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर भोपाल में 7 दिवसीय श्रीरासलीला समारोह का आयोजन एवं श्रीकृष्ण से जुड़े हुए विशेष स्थलों यथा जानापाव इंदौर, अमझेरा धार और गोपाल मंदिर, उज्जैन, सांदीपनि आश्रम, नारायणा, जामगढ़ रायसेन, खातेगांव देवास, पन्ना, शहडोल, उमरिया, मंडला, राघौगढ़ (गुना), भितरवार (ग्वालियर), जावद (नीमच), मल्हारगढ़ (मंदसौर) आदि स्थानों पर जनप्रतिनिधियों मंत्री, सांसद, विधायक आदि के नेतृत्व में स्थलों से जुड़े प्रसंगों के मूल स्वरुप के भाव का विस्तार के लिए विशिष्ट सांस्कृतिक आयोजन किया जायेगा। जिला जेल में भगवान श्रीकृष्ण पर केन्द्रित कार्यक्रम आयोजित किये जायंगे। भगवान श्रीकृष्ण के विविध प्रसंग एवं आख्यानों के अनुरुप शिक्षा संस्कति कृषि गौशाला आदि में कार्यक्रम होंगे।
छात्रावासों एवं आश्रम शालाओं में होंगी कृष्णमय गतिविधियां
जनजातीय क्षेत्र के छात्रावासों/आश्रम शालाओं को भी भजन प्रतियोगिता, श्रीकृष्ण वेशभूषा, चित्रकला आदि आयोजन होंगे। साथ ही जनजातीय एवं ग्राम संस्कृति से जुड़े हुए प्रसंगों एवं आख्यानों यथा जनजातीय वर्ग द्वारा बांसुरी वादन, साज-सज्जा में मोरपंख का उपयोग जैसे प्रतिमानों के महत्व एवं महात्म के विस्तार के लिए गतिविधियाँ आयोजित की जायेगी। प्रदेश के गौशालाओं में साफ-सफाई, गौपूजन, गौ-रक्षासूत्र एवं स्वास्थ्य परीक्षण संबंधी शिविरों का आयोजन किया जायेगा।
कावंड यात्राओं में जनसुविधाओ एवं सुरक्षा की व्यवस्था
भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े हुए विविध प्रसंगों एवं आख्यानों के वास्तविक भाव के लोकव्यापीकरण एवं स्थानों के महत्व अनुरुप कार्यक्रमों का संयोजन कराया जायेगा। श्रावण मास में होने वाली कांवड्यात्रा में कावडियों के आने-जाने के मार्ग पर जनसुविधाओं की समुचित व्यवस्था, सुरक्षा की व्यवस्था के साथ दुर्घटना के रोकथाम के लिए आवश्यक कार्यवाही विशेष रूप से सुनिश्चित की जायेगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत