मध्य प्रदेश में 4 दिन थमेगा बारिश का दौर, तेज धूप के आसार, उज्जैन-ग्वालियर से मानसून की विदाई शुरू

 


भोपाल, 29 सितम्बर (हि.स.) । मध्य प्रदेश में अगले चार दिन बारिश का दौर कमजोर रहने की संभावना है। प्रदेश में फिलहाल कोई सक्रिय मानसूनी सिस्टम नहीं है, जिससे भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर समेत कई हिस्सों में तेज धूप निकलने के आसार हैं। बुधवार-गुरुवार से प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू होने के संकेत हैं। मानसून की वापसी की रेखा मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से तक पहुंच चुकी है। ऐसे में सबसे पहले उज्जैन और ग्वालियर संभाग से मानसून विदा हो सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में तेज धूप रहने का अनुमान है। वहीं प्रदेश के बाकी हिस्सों में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी होने की संभावना है। बुधवार से प्रदेश के करीब आधे हिस्से में धूप का असर बढ़ने लगेगा। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 2 अक्टूबर तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहने और तेज धूप निकलने के आसार हैं।

राजस्थान-पंजाब से लौट चुका मानसून

मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई का सामान्य समय 30 सितंबर तक माना जाता है। यानी अब इसकी सामान्य अवधि खत्म होने में दो दिन बाकी हैं। वर्तमान में राजस्थान और पंजाब के कई जिलों से मानसून वापस लौट चुका है। इसकी वापसी की रेखा अब मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से तक पहुंच गई है। इसके चलते प्रदेश में मानसून की विदाई की प्रक्रिया शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं। पश्चिमी हिस्सों से मानसून के लौटने के बाद धीरे-धीरे पूर्वी मध्य प्रदेश से भी इसकी विदाई होगी।

पूर्वी मप्र में औसत से 4 प्रतिशत ज्यादा बारिश

इस मानसूनी सीजन में प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग को मिलाकर बारिश का आंकड़ा औसत से 4 प्रतिशत ज्यादा है। अधिकांश जिलों में सामान्य कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 2 प्रतिशत से 20 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।

पश्चिमी मप्र के 20 जिलों में बारिश कम

पश्चिमी मध्य प्रदेश में स्थिति इसके उलट है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत की तुलना में 9 प्रतिशत से 51 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज हुई है।

26 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश

आंकड़ों के अनुसार अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। हालांकि प्रदेश में अब मानसूनी सीजन का अंतिम दौर चल रहा है और सामान्य औसत के मुकाबले 100 प्रतिशत बारिश का आंकड़ा पूरा होने की संभावना कम बताई जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत