जबलपुर रेलवे मुख्यालय में खतरे का सायरन बजते ही मचा हड़कंप, दौड़े अधिकारी-कर्मचारी..मॉकड्रिल
जबलपुर, 05 नवंबर (हि.स.)। दीपावली से तीन दिन पहले गुरुवार को पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय जबलपुर में अचानक खतरे का सायरन बजने से हड़कंप मच गया। दोपहर करीब सवा एक बजे रुक-रुककर पांच बार लंबे सायरन बजाए गए। इसके बाद रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों और चिकित्सकीय स्टाफ में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सायरन को यात्री ट्रेन दुर्घटना के संकेत के रूप में लेते हुए अधिकारी और कर्मचारी दुर्घटना राहत ट्रेन (एआरटी) की ओर दौड़ पड़े। रेलवे अस्पताल से डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को भी तत्काल राहत ट्रेन की ओर रवाना होते देखा गया। शुरुआत में स्लीमनाबाद के आगे किसी रेल घटना की सूचना की चर्चा होने से दुर्घटना की आशंका और बढ़ गई। रेलवे परिसर में आपात स्थिति जैसी हलचल दिखाई देने लगी।
हालांकि, रेलवे के जिम्मेदार सूत्रों ने बाद में स्पष्ट किया कि यह रेल प्रशासन की ओर से आयोजित आपदा प्रबंधन मॉकड्रिल थी। इसका उद्देश्य संभावित रेल दुर्घटना के दौरान अधिकारियों, कर्मचारियों और चिकित्सा दल की सतर्कता, तत्परता तथा निर्धारित समय में राहत एवं बचाव व्यवस्था सक्रिय करने की क्षमता का परीक्षण करना था।
मॉकड्रिल के तहत सायरन बजाकर आपात स्थिति का संकेत दिया गया और संबंधित टीमों को तत्काल सक्रिय किया गया। अभ्यास के दौरान राहत ट्रेन और मेडिकल टीम की प्रतिक्रिया का आकलन किया गया।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक