राजगढ़ : उज्जैन जाने वाली ट्रेनों में नहीं मिली जगह, ब्यावरा स्टेशन पर श्रद्धालुओं का हंगामा
राजगढ़, 15 जून (हि.स.)। सोमवती अमावस्या पर उज्जैन में क्षिप्रा स्नान के लिए रवाना हुए श्रद्धालुओं को मध्य प्रदेश के ब्यावरा रेलवे स्टेशन पर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। टिकट होने के बावजूद 150 से अधिक यात्री ट्रेनों में सवार नहीं हो सके, जिससे नाराज श्रद्धालुओं ने रेलवे स्टेशन पर हंगामा करते हुए टिकट राशि वापस करने की मांग की।
जानकारी के अनुसार पुरुषोत्तम मास की सोमवती अमावस्या के अवसर पर जिलेभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन जाने के लिए ब्यावरा रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। रात 10 बजे तक स्टेशन पर करीब 500 से अधिक यात्रियों की भीड़ जमा हो गई थी। अधिकांश यात्रियों ने झांसी-बांद्रा एक्सप्रेस और भिंड-रतलाम इंटरसिटी एक्सप्रेस के टिकट खरीदे थे।
रात करीब 12 बजे झांसी-बांद्रा एक्सप्रेस के स्टेशन पहुंचने पर अत्यधिक भीड़ के कारण कई यात्री ट्रेन में नहीं चढ़ सके। इसके बाद यात्रियों ने भिंड-रतलाम इंटरसिटी एक्सप्रेस से यात्रा करने का प्रयास किया, लेकिन उसमें भी जगह नहीं मिली। यात्रियों का आरोप है कि कुछ डिब्बों के दरवाजे बंद होने के कारण भी वे ट्रेन में सवार नहीं हो पाए।
दोनों ट्रेनें छूटने के बाद नाराज यात्री टिकट काउंटर पहुंचे और टिकट राशि वापस करने की मांग करने लगे। रेलवे कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि टिकट जारी होने के तीन घंटे से अधिक समय बीत जाने के कारण तत्काल रिफंड की प्रक्रिया संभव नहीं है। इसके बाद यात्रियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
स्थिति को संभालने के लिए मौजूद जीआरपी और आरपीएफ कर्मियों ने यात्रियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ शांत नहीं हुई। बाद में सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने यात्रियों से चर्चा कर उन्हें शांत कराया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
हंगामे के चलते कई श्रद्धालुओं को पूरी रात रेलवे स्टेशन पर ही बितानी पड़ी। कुछ यात्री निजी वाहनों से उज्जैन के लिए रवाना हो गए, जबकि कई लोग सोमवार सुबह बिना यात्रा किए वापस अपने घर लौट गए। रेलवे सुरक्षा बल ने घटना के दौरान स्टाफ की कमी को व्यवस्थागत कठिनाइयों का एक प्रमुख कारण बताया है।
हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक