जबलपुरः रेलवे में निजी वाहनों के कमर्शियल उपयोग पर ने जताया विरोध, जीएम को सौंपा ज्ञापन

 


जबलपुर, 23 सितंबर (हि.स.)। पश्चिम मध्य रेलवे में अधिकारियों और शासकीय कार्यों के लिए अनुबंधित निजी वाहनों (सफेद नंबर प्लेट) के उपयोग को लेकर एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकुश चौधरी ने गहरा विरोध जताया है। इस संबंध में उन्होंने पश्चिम मध्य रेलवे के जनरल मैनेजर (जीएम) को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर वस्तुस्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

अंकुश चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि रेलवे विभाग में वर्तमान में कई ऐसे वाहनों का उपयोग व्यावसायिक और सरकारी कार्यों के लिए किया जा रहा है, जो निजी श्रेणी (सफेद नंबर प्लेट) के अंतर्गत आते हैं। यह पूरी तरह से मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन है। नियमानुसार किसी भी वाहन का व्यावसायिक उपयोग करने के लिए उसका कमर्शियल श्रेणी (पीली नंबर प्लेट) में पंजीकृत होना, आरटीओ से टैक्सी परमिट, फिटनेस और कमर्शियल इंश्योरेंस होना अनिवार्य है। निजी वाहनों के इस अवैध उपयोग से शासन को मिलने वाले टैक्स और राजस्व की भारी हानि हो रही है।

एसोसिएशन ने जीएम से निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर जवाब मांगा है:किस नियम के तहत सरकारी काम में सफेद नंबर प्लेट वाले वाहनों को अनुमति दी गई?बिना कमर्शियल परमिट और बीमा के यदि कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?क्या रेलवे विभाग इन अनुबंधित वाहनों के दस्तावेजों की नियमित जांच करता है?

अंकुश चौधरी ने चेतावनी दी है कि यदि जनहित और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुँचाने वाले इस ढर्रे को जल्द नहीं सुधारा गया, तो एसोसिएशन इस मामले को उच्च स्तर पर उठाने के लिए बाध्य होगी। जिसमें एड.राहुल अगरिया, एड. विनय सोनकर, एड. मोहित प्यासी, एड. रोहित गुप्ता एवं अन्य सदस्य उपस्थित रहे l

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक