सागरः सोशल मीडिया के जरिए परिवार को मिली लापता बेटी, वेंटिलेटर पर लड़ रही जिंदगी की जंग
सागर, 12 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना रेलवे स्टेशन क्षेत्र में पिछले दिन संदिग्ध और मरणासन्न हालत में मिली अज्ञात घायल किशोरी की सोशल मीडिया माध्यम से शुक्रवार को शिनाख्त हो गई है।
उसकी पहचान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की रहने वाली 14 वर्षीय अंकिता द्विवेदी के रूप में हुई है। वह अपनी मां और छोटे भाई के साथ ट्रेन से पुणे जा रही थी, लेकिन बीच रास्ते में अचानक रहस्यमयी परिस्थितियों में गायब हो गई थी। शिनाख्त होने के बाद रोते-बिलखते परिजन सागर के लिए रवाना हो गए हैं।
दरअसल, अंकिता के अचानक गायब होने से डरे और सहमे परिजनों ने तत्काल सोशल मीडिया का सहारा लिया था। उन्होंने आम जनता और रेल प्रशासन से मदद की मार्मिक अपील करते हुए एक पोस्ट शेयर की थी। परिजनों द्वारा प्रसारित सूचना के अनुसार प्रयागराज से सुबह करीब 10:30 बजे हड़पसर-भुसावल जंक्शन (पुणे स्पेशल) जाने वाली ट्रेन में अपनी मां और छोटे भाई के साथ सफर कर रही किशोरी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी।
बच्ची का कोई सुराग न मिलने के कारण मां और पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। अंकिता के मामा अश्वनी कुमार पांडे लगातार इटारसी रेलवे स्टेशन और उसके आसपास के इलाकों में उसे पागलों की तरह ढूंढ रहे थे, जबकि बच्ची सागर के अस्पताल में भर्ती थी।
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर की पुलिस चौकी से प्राप्त प्रामाणिक विवरण के अनुसार, प्रयागराज निवासी संजय द्विवेदी का परिवार वर्तमान में पुणे में रहता है। गुरुवार (11 जून 2026) की रात अंकिता अपनी मां नीरज द्विवेदी और 2 वर्षीय छोटे भाई के साथ ट्रेन नंबर 01407 (पुणे स्पेशल) के कोच नंबर S-4 (बर्थ नंबर 41, 43, 44) में सफर कर रही थी। रात के वक्त जब ट्रेन बीना स्टेशन क्षेत्र के पास से गुजर रही थी, तभी अंकिता सीट से उठकर बाथरूम जाने के लिए निकली। आशंका जताई जा रही है कि चलती ट्रेन के दरवाजे के पास अचानक संतुलन बिगड़ने या तेज झटका लगने के कारण वह सीधे नीचे ट्रैक पर गिर गई। ट्रेन की रफ्तार तेज होने के कारण उसके सिर, आंख और चेहरे पर गंभीर व जानलेवा चोटें आईं।
इस पूरे मामले में सागर पुलिस और रेल सुरक्षा तंत्र ने सराहनीय भूमिका निभाई। बीएमसी पुलिस चौकी में पदस्थ प्रधान आरक्षक सोनू जाटव ने बताया कि पुलिस की मुस्तैदी और त्वरित प्रयासों के कारण बच्ची की तस्वीर को तत्काल अलग-अलग रेल सुरक्षा और सोशल मीडिया ग्रुप्स में भेजा गया। तस्वीरें मैच होते ही इटारसी की तरफ भटक रहे मामा अश्वनी कुमार पांडे और पुणे में मौजूद मां तक यह सूचना पहुंच गई। लहूलुहान हालत में अपनी लाडली की तस्वीर देखकर मां फफक पड़ी। सूचना मिलते ही अंकिता के पिता संजय द्विवेदी सहित पूरा परिवार बाय रोड सागर के लिए रवाना हो चुका है, जो देर रात तक अस्पताल पहुंच जाएगा।
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि इस गंभीर हादसे का शिकार हुई मासूम बच्ची के सिर पर गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं। घायल अंकिता की अत्यंत चिंताजनक हालत को देखते हुए बीएमसी प्रबंधन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
अंकिता वर्तमान में बीएमसी की गहन चिकित्सा इकाई में वेंटिलेटर सपोर्ट पर है। बच्ची की सांसें बचाने के लिए न्यूरोसर्जरी, क्रिटिकल केयर सहित 4 से अधिक विभागों के वरिष्ठ विशेषज्ञ चिकित्सकों की संयुक्त टीम लगातार उसकी देखरेख में जुटी है। डॉक्टरों की पूरी टीम इस मासूम को सुरक्षित बचाने के लिए हरसंभव चिकित्सा प्रयास कर रही है, हालांकि अगले कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे