राहुल गांधी के आंदोलन पर भाजपा का सवाल, बृजगोपाल लोया बोले- भारत में अराजकता फैलाने की कोशिश
भोपाल, 16 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी बृजगोपाल लोया ने राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से किए जा रहे राजनीतिक प्रतिरोध पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बजाय आंदोलन के जरिए सत्ता परिवर्तन का प्रयास कर रही है।
उन्होंने भारत में बांग्लादेश जैसी परिस्थितियां पैदा करने की कोशिश संबंधी आशंका जताते हुए कांग्रेस से अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की। लोया ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता का फैसला जनता के मतों से होता है और राजनीतिक दलों को संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा रखना चाहिए।
शुक्रवार काे प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेश मीडिया प्रभारी लोया ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस पर ऐसे लोगों को आगे करने का आरोप भी लगाया, जिनके बयानों को उन्होंने हिंसा का समर्थन करने वाला बताया। उन्होंने नेहा बोहरा और प्रशांत भूषण के बयानों का हवाला देते हुए कांग्रेस से इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण मांगा। ये आरोप भाजपा की ओर से लगाए गए हैं। लोया की आपत्ति 13 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्र प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में राहुल गांधी के बयान को लेकर है। राहुल गांधी ने लोकतंत्र की बहाली के लिए राजनीतिक और जन प्रतिरोध जारी रखने की बात कही थी। उन्होंने न्यायपालिका और सुप्रीम कोर्ट के प्रति सम्मान जताते हुए कहा था कि आंदोलन जारी रहेगा और अंततः सफल होगा।
इसी बयान के संदर्भ में लोया ने कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार बनाने का अधिकार जनता के पास है। राजनीतिक दलों को जनादेश का सम्मान करते हुए अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से रखनी चाहिए।
आंदोलन में भीड़ जुटाने पर साधा निशानालोया ने कांग्रेस के आंदोलन में शामिल लोगों की संख्या को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि एक महीने की तैयारी के बाद राहुल गांधी के नेतृत्व में सात से आठ हजार लोग ही जुट सके। उन्होंने कुछ ऑडियो सामने आने का उल्लेख करते हुए दावा किया कि आंदोलन में शामिल नहीं होने पर टिकट नहीं देने जैसी बातें कही गईं। हालांकि, उन्होंने इन ऑडियो के स्रोत और प्रामाणिकता से जुड़े विस्तृत साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए।उन्होंने कहा कि भारत किसी परिवार की विरासत नहीं, बल्कि देश के नागरिकों का है। सरकार का गठन मतदाताओं के वोट से होता है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए।
एसआईआर पर कांग्रेस के रुख को लेकर सवाल
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर बृजगाेपाल लोया ने कांग्रेस की आपत्तियों पर सवाल उठाए। उन्होंने फॉर्म-6 के जरिए मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि पात्र मतदाताओं को नाम शामिल कराने का विकल्प उपलब्ध है।
हालांकि, एसआईआर और फॉर्म-6 से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा है। संशोधित फॉर्म-6 की वैधता को लेकर भी न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि उसने इस पर पहले कोई निर्णय नहीं दिया था।
ईवीएम और वीवीपैट पर कांग्रेस को घेरालोया ने ईवीएम, वीवीपैट और सॉफ्टवेयर हैकिंग को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए जाने वाले सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में हार के बाद कांग्रेस चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाती है। उन्होंने ईवीएम को हैक करके दिखाने की चुनौती का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा रखना चाहिए।
मिर्ची बाबा के बयान पर भी प्रतिक्रियामिर्ची बाबा की ओर से दस्तावेजों और मतदाता सूची से नाम काटे जाने को लेकर उठाए गए मुद्दे पर भाजपा मीडिया प्रभारी ने कहा कि आवश्यक दस्तावेजों की मांग करना अनुचित नहीं है। उन्होंने साधु-संतों के सम्मान का उल्लेख करते हुए मिर्ची बाबा को राजनीतिक विवादों में पक्षकार बनने से बचने की सलाह दी। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भोपाल में मिर्ची बाबा की भूमिका और बयानों का भी जिक्र किया।
लोया ने कहा कि राजनीतिक दलों को अपनी बात लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भीतर रखनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से आंदोलन, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग की।
हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे