लोक शिक्षण आयुक्त ने दफ्तर पहुंचकर लगाई ई-अटेंडेंस, शिक्षकों से व्यवस्था का पालन करने की अपील

 


भोपाल, 17 अगस्त (हि.स.)। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने सोमवार सुबह 9:33 बजे राजधानी भाेपाल स्थित कार्यालय पहुंचकर खुद ई-अटेंडेंस दर्ज की। अपनी पहली ई-अटेंडेंस के जरिए उन्होंने प्रदेश के 3 लाख से अधिक शिक्षकों और अतिथि शिक्षकों को विभाग की नई व्यवस्था का पालन करने का संदेश दिया।

आयुक्त अभिषेक सिंह नेकहा कि वे विभाग में रहने तक नियमित रूप से ई-अटेंडेंस लगाएंगे। उन्होंने शिक्षकों से समय पर स्कूल पहुंचने और पूरी अवधि तक विद्यालय में रहकर शिक्षण कार्य करने की अपील की। उनका कहना है कि शिक्षकों की नियमित उपस्थिति से शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और इसका सकारात्मक असर आगामी परीक्षाओं के परिणामों पर भी दिखाई देगा।

सर्वर पर लोड कम करने के लिए कैप्चा अनिवार्य

ई-अटेंडेंस व्यवस्था में आ रही तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए अब 'हमारे शिक्षक' ऐप पर उपस्थिति दर्ज करते समय कैप्चा प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसमें साधारण जोड़-घटाव का कैप्चा कोड भरना होगा। पिछले दिनों करीब 1.74 लाख शिक्षकों के एक साथ ऐप से लॉगआउट करने के कारण ई-अटेंडेंस व्यवस्था प्रभावित हुई थी। इसके बाद आयुक्त के निर्देश पर सर्वर की क्षमता बढ़ाई गई है। कैप्चा प्रक्रिया लागू होने से एक साथ सर्वर पर पड़ने वाला अत्यधिक लोड कम होगा और शिक्षकों को समय पर उपस्थिति दर्ज करने में सुविधा मिलेगी।

15 मिनट का ग्रेस पीरियड

आयुक्त अभिषेक सिंह ने बताया कि सुबह 10:30 बजे और दूसरी पाली में शाम 4:15 बजे तक अटेंडेंस दर्ज कराने पर 15 मिनट का ग्रेस पीरियड मिलेगा। किसी शिक्षक के किसी जायज कारण से देर से पहुंचने की स्थिति में वह प्राचार्य को वॉट्सऐप के जरिए सूचना दे सकता है। हालांकि, इसे नियमित देरी का आधार नहीं बनाया जा सकेगा।

उफनती नदी-नालियां पार कर स्कूल जाने की जरूरत नहीं

बारिश के मौसम को देखते हुए आयुक्त ने शिक्षकों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देने की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि नदी-नाले उफान पर हैं और स्कूल पहुंचने के लिए जोखिम उठाना पड़े, तो शिक्षकों को जान जोखिम में डालकर उन्हें पार करने की जरूरत नहीं है। ऐसी परिस्थितियों में उचित फोरम पर दी गई सूचना को स्वीकार किया जाएगा। आयुक्त की पहल से ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर शिक्षकों के बीच स्पष्टता बढ़ने की उम्मीद है। विभाग का जोर अब तकनीकी व्यवस्था को सुचारु बनाने के साथ-साथ स्कूलों में शिक्षकों की नियमित और समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने पर है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे