लोक शिक्षण आयुक्त के कक्ष में घुसकर प्रदर्शन के विरोध में शिक्षा विभाग में पेन डाउन, कर्मचारियों ने 2 घंटे काम बंद रखा
भोपाल, 21 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 में चयनित होने के बावजूद नियुक्ति से वंचित अभ्यर्थियों के लोक शिक्षण आयुक्त (डीपीआई) के कक्ष में प्रवेश कर नारेबाजी करने के विरोध में शुक्रवार को शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने दो घंटे का पेन डाउन रखा। इस दौरान लोक शिक्षण आयुक्त कार्यालय में कर्मचारियों ने काम नहीं किया।
कर्मचारी संगठनों ने घटना पर नाराजगी जताते हुए सरकारी कार्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की।
हालांकि, दो घंटे बाद कर्मचारियों ने पेन डाउन समाप्त कर कामकाज शुरू कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि शासकीय कामकाज और छात्र हित प्रभावित न हो, इसलिए आंदोलन को सीमित रखा गया। दरअसल, गुरुवार शाम प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 में चयनित लेकिन नियुक्ति से वंचित अभ्यर्थियों का एक समूह लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह के कार्यालय पहुंचा था। अभ्यर्थियों ने नियुक्ति और पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कुछ अभ्यर्थी आयुक्त के कक्ष में प्रवेश कर गए और नारेबाजी की। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को आयुक्त के कक्ष से बाहर निकाला। इसके बाद शिक्षक और कर्मचारी संगठनों ने घटना पर नाराजगी जताते हुए विरोध प्रदर्शन और पेन डाउन की चेतावनी दी थी।
राज्य शिक्षा केंद्र में भी प्रदर्शन
शुक्रवार को राज्य शिक्षा केंद्र परिसर में भी कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। संविदा कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए आयुक्त के कक्ष में प्रवेश की घटना की निंदा की। कर्मचारियों ने कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए और ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की। मोर्चा के अध्यक्ष रमेश राठौर ने कहा कि कर्मचारी और अधिकारी अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक और अहिंसात्मक तरीके से अपनी बात रख सकते हैं, लेकिन सरकारी अधिकारी के कक्ष में जबरन प्रवेश करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से सरकारी कामकाज प्रभावित होने की स्थिति बनती है। राठौर के मुताबिक, घटना के विरोध में प्रदेशभर में शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारी संगठनों ने नाराजगी जताई है।
दो घंटे बाद कर्मचारी काम पर लौटे
लोक शिक्षण आयुक्त कार्यालय के कर्मचारी नेता मुकेश शर्मा ने बताया कि गुरुवार की घटना के बाद प्रदर्शन करने वाले चयनित शिक्षकों ने आयुक्त से माफी मांग ली थी। इसके बावजूद कर्मचारियों ने घटना के विरोध में शुक्रवार को दो घंटे का पेन डाउन रखा। उन्होंने कहा कि दो घंटे बाद सभी कर्मचारी अपने काम पर लौट आए, ताकि विभागीय कामकाज और छात्र हित प्रभावित न हो।
अल्पवेतन भोगी संघ ने भी जताया विरोध
अल्पवेतन भोगी संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार साकल्ले ने भी कर्मचारियों के साथ प्रदर्शन कर घटना का विरोध किया। कर्मचारियों ने कहा कि सरकारी कार्यालय में अधिकारियों के कक्ष में इस तरह प्रवेश करने की घटनाएं गंभीर हैं। उन्होंने भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की।
सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल पहुंचे डीपीआई
घटना के बाद शुक्रवार को स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. संजय गोयल लोक शिक्षण आयुक्त कार्यालय पहुंचे। उन्होंने गुरुवार की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों की एकजुटता की सराहना की। उन्होंने कर्मचारियों और अधिकारियों से अपील की कि वे पूरी मुस्तैदी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहें। उन्होंने विशेष रूप से छात्र हित को प्राथमिकता देते हुए विभागीय कामकाज प्रभावित नहीं होने देने का आग्रह किया।
दूसरी ओर नीलम पार्क में चयनित शिक्षकों का आंदोलन जारी
इधर, प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 में चयनित अभ्यर्थियों का नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन शुक्रवार को भी जारी रहा। भोपाल के नीलम पार्क में बड़ी संख्या में चयनित शिक्षक जुटे और वर्ग-2 एवं वर्ग-3 के पदों में वृद्धि कर नियुक्ति देने की मांग की। आंदोलनरत अभ्यर्थियों का कहना है कि चयन परीक्षा में सफल होने के बावजूद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी नियुक्ति से वंचित हैं। उनका दावा है कि स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों के कई पद रिक्त हैं, इसके बावजूद पदों की संख्या नहीं बढ़ाई जा रही है। अभ्यर्थियों ने सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग से रिक्त पदों की संख्या के आधार पर पद बढ़ाने और चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग की है। उनका कहना है कि नियुक्ति को लेकर स्पष्ट निर्णय होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे