अनूपपुर: आवारा पशुओ को गौशालाओं भेजने की तैयारी, नगरीय निकाय और पंचायत करेंगे खाने-पानी की व्यवस्था
अनूपपुर, 15 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं को अब गौशालाओं में रखा जाएगा। मंगलवार को समय-सीमा बैठक में जिला पंचायत सीईओ अर्चना कुमारी ने सभी ग्राम पंचायतों और शहरी क्षेत्रों से आवारा पशुओं को तत्काल गौशालाओं में भेजने के निर्देश दिए। साथ ही पशुओं के लिए भोजन, पानी और देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी और जनपद पंचायत सीईओ सड़कों पर घूम रहे पशुओं को गौशालाओं में पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से इस काम को प्राथमिकता से पूरा करने को कहा। गौशालाओं में पहुंचाए गए पशुओं के खाने और पीने के पानी की व्यवस्था नगर निकाय और पंचायतें करेंगी। साथ ही पशुओं की देखभाल भी के निर्देश दिए गए हैं।
पशुपालन विभाग को जिले में संचालित गौशालाओं की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देने के लिए कहा गया है। इससे सड़कों से पशुओं को चिह्नित गौशालाओं में जल्द शिफ्ट किया जा सकेगा। बैठक में अपर कलेक्टर बलवीर रमन, पुष्पराजगढ़ एसडीएम वसीम अहमद भट, अनूपपुर एसडीएम प्राशी अग्रवाल और कोतमा एसडीएम टीआर नाग सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
आंकड़ों के मुताबिक, पिछले ढाई वर्ष में सड़क पर बैठे पशुओं से टकराने के 24 हादसे हुए, जिनमें 10 लोगों की मौत हुई। 2024 में ऐसे 4 हादसों में एक मौत, 2025 में 12 हादसों में 5 मौत और 2026 में अब तक 7 हादसों में 4 लोगों की जान जा चुकी है।
16 गौशालाओं में 2,118 गोवंश
पशुपालन विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 3,67,064 गाय, 67,675 भैंस और 89,659 बकरियां हैं। इनमें सबसे ज्यादा 1,61,182 गाय पुष्पराजगढ़ विकासखंड में हैं। जैतहरी में 1,03,179, अनूपपुर में 57,714 और कोतमा में 44,989 गाय दर्ज हैं। जिले में वर्तमान में 16 गौशालाएं संचालित हैं, लेकिन इनमें कुल 2,118 गोवंश ही संरक्षित हैं। प्रशासन के नए निर्देशों के बाद सड़कों पर घूमने वाले पशुओं को इन गौशालाओं में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला