सागर : आरोग्य भारती के तत्वाधान में हुआ पौधरोपण कार्यक्रम, मंत्री राजपूत ने पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

 


सागर, 09 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर में रविवार को जिला आरोग्य भारती महाकौशल प्रांत इकाई के तत्वाधान में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सागर आरटीओ परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे और उपस्थित नागरिकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अधिक से अधिक संख्या में पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल व सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

राजपूत ने आरोग्य भारती के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संगठन द्वारा पर्यावरण को लेकर लगातार ऐसे आयोजन किए जा रहे हैं, जिससे समाज में पर्यावरण के प्रति चेतना जागृत हो रही है। आरोग्य भारती द्वारा किए गए वृक्षारोपण से हजारों वृक्ष आज धरती माता का श्रृंगार बन चुके हैं।

पौधारोपण के दौरान अपने संबोधन में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा, हमारे पूर्वजों ने वृक्ष लगाए, अब हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए कि हम भी वृक्ष लगाएं और उन्हें संरक्षण दें, तभी पौधारोपण की सार्थकता है। वृक्ष हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने अपने पूज्य गुरु दद्दा जी के वचनों को स्मरण करते हुए कहा विष पीकर करते अमृत दान, वृक्ष स्वयं शंकर भगवान। उन्होंने आगे कहा कि आज बढ़ते प्रदूषण और बदलते पर्यावरण को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति का यह दायित्व है कि वह अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाए और उसे वृक्ष बनने तक उसकी पूरी जिम्मेदारी निभाए। अखिल भारतीय स्तर पर आरोग्य भारती अपने विभिन्न सामाजिक आयोजनों के माध्यम से मानव समाज की सेवा में अग्रणी भूमिका निभा रही है।

मंत्री राजपूत ने पौधरोपण के प्रति व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए कहा कि केवल पौधा लगाकर फोटो खिंचवाना पौधारोपण का उद्देश्य नहीं होना चाहिए। पौधा लगाने के बाद उसकी रक्षा करना, समय-समय पर पानी देना, मवेशियों से बचाना और उसके विकास की निगरानी करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। जब एक पौधा बड़ा होकर वृक्ष बनता है, तो उसका लाभ केवल एक व्यक्ति या परिवार को नहीं, बल्कि आने वाली कई पीढ़ियों को मिलता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पर्यावरण संरक्षण संकल्प का उल्लेख करते हुए मंत्री राजपूत ने कहा कि देश में पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को लेकर व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। “एक पेड़ मां के नाम” जैसे जनभागीदारी वाले अभियानों ने पर्यावरण संरक्षण को एक जन-आंदोलन का स्वरूप दे दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार विकास कार्यों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दे रही है। सड़कों, भवनों और अन्य बुनियादी ढांचों के निर्माण के साथ-साथ हरित क्षेत्र को बढ़ाना आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।

मंत्री राजपूत ने स्पष्ट किया कि विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं। हमें ऐसा विकास मॉडल अपनाना है जिसमें आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ प्रकृति और पर्यावरण का संतुलन भी बना रहे। उन्होंने सभी से अपील की कि अपने घर, खेत, कार्यालय, विद्यालय या किसी भी खाली सार्वजनिक स्थान पर पौधे लगाएं और उनकी देखभाल परिवार के सदस्य की तरह करें।

कार्यक्रम की जानकारी देते हुए आरोग्य भारती के जिलाध्यक्ष डॉ. सुखदेव मिश्रा ने बताया कि इस अभियान के तहत आरटीओ परिसर में 501 हाइब्रिड किस्म के आम के पौधे लगाए गए हैं। इसके अलावा परिसर में गुलमोहर, कनेर और नीम जैसी विभिन्न प्रजातियों के पौधे भी रोपे गए हैं। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी ने भी विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वृक्ष जीवन का आधार हैं और हर नागरिक को पौधरोपण के साथ उसकी सुरक्षा का संकल्प लेना चाहिए।

पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे