उज्जैनः एसीएस डॉ.राजेश राजोरा ने बैठक लेकर दिए निर्देश

 


उज्जैन, 05 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में वर्ष-2004 में सिंहस्थ के दौरान उज्जैन कलेक्टर रहे और वर्तमान में अपर मुख्य सचिव पद पर कार्यरत डॉ.राजेश राजोरा ने रविवार को सिंहस्थ के प्रचलित कार्यो आदि को लेकर बैठक ली।

बैठक में उन्होने संभागायुक्त सह मेलाधिकारी आशीषसिंह एवं कलेक्टर रौशनकुमार सिंह को निर्देश दिए कि आगामी बैठक में सिंहस्थ-2028 में होनेवाले अस्थाई प्रकृति के तात्कालिक कार्यों की कार्ययोजना रखें। डॉ. राजौरा ने बैठक में सिंहस्थ-2028 के लिए मंत्रीमंडलीय समिति द्वारा स्वीकृत किए गए कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी कार्यों में गुणवत्ता को प्राथमिकता दें। यह भी सुनिश्चित करें कि सभी कार्य दी गई समय सीमा के पूर्व ही पूर्ण हो जाएं।

डॉ.राजोरा ने कहा कि सिंहस्थ-28 में निर्माण कार्यों की मजबूती के लिए नई टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाए। इसके लिए व्यापक रूप से सर्च किया जाए और सबसे उन्नत तकनीक का उपयोग ही इन व्यवस्थाओं में हो। अस्थाई प्रकृति के कार्यों में गुणवत्ता का और आधुनिकता का विशेष ध्यान रखा जाए। कार्यो में किसी प्रकार की कोई लापरवाही न हो, इसके लिए पूर्ण परीक्षण के बाद ही कार्य आरंभ किए जाएं।

बैठक में उन्होने निर्देश दिए कि तात्कालिक अस्थाई प्रकृति कार्यों के निर्माण के साथ ही सडक़ और अन्य प्रबंधन संबंधी कार्यों के लिए सिंहस्थ-2016 में पदस्थ अधिकारियों से चर्चा कर उनके अनुभवों का लाभ लें। उस समय के अधिकारियों द्वारा यदि प्रशासनिक नोट बनाए गए हों तो उनका भी अध्ययन कर लें, ताकि वर्तमान अधिकारी सिंहस्थ-2016 की परिस्थिति से अवगत हो सकें। भीड़ प्रबंधन, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं के लिए भी पूर्व अधिकारियों के अनुभवों से आप लोग कारगर योजनाएं बना सकते हैं।

डॉ. राजोरा ने बैठक में कहा कि स्थाई प्रकृति के कार्यों को लेकर अगली बैठक में चर्चा हेतु सिंहस्थ मद से होने वाले कार्यों के साथ अन्य मदों से होने वाले कार्यों को भी सम्मिलित किया जाए। जिससे उनकी व्यापक समीक्षा की जा सके। मेलाधिकारी आशीष सिंह ने सिंहस्थ-28 के स्थाई कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। साथ ही सिंहस्थ-2028 के आयोजन में होने वाले अस्थाई प्रकृति और तात्कालिक रूप से होने वाले कार्यों की भी एक संभावित कार्य योजना रखी। इसे लेकर डॉ.राजोरा ने निर्देश दिए हैं कि अस्थाई प्रकृति के कार्यों की कार्य योजना बहुत व्यवस्थित तरीके बनाए। इन पर ही पूरा सिंहस्थ मेला का प्रबंधन निर्भर होगा। अस्थाई प्रकृति के कार्यों में यह सुनिश्चित कर लें कि कौन से कार्य कितना समय लेंगे। इस हिसाब से उनकी कार्य योजना बनाकर कार्य आरंभ करें। अस्थाई प्रकृति के कार्यों के लिए अलग से बैठक आयोजित होगी, जिसमें सभी विभागों के संबंधित कार्यों की समीक्षा की जाएगी।

अन्य जिलों के कलेक्टर से की चर्चा

बैठक में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से डॉ. राजोरा ने कलेक्टर खंडवा ऋषभ गुप्ता से चर्चा की। चर्चा में ओंकारेश्वर के कार्यों के संबंध में प्रगति जानी। वहीं मंदसौर कलेक्टर अदिति गर्ग ने पशुपतिनाथ मंदिर, शिवना नदी पर बनने वाले पुल और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी। आगर मालवा के प्रभारी अधिकारी ने बगलामुखी बायपास मार्ग और अन्य मार्गों के संबंध में जानकारी दी। नीमच के प्रभारी अधिकारी ने नीमच में चल रहे कार्यों के संबंध में जानकारी दी।

बैठक में एडीजीपी राकेश गुप्ता, डीआईजी नवनीत भसीन, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा उपस्थित रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्‍वेल