देशभक्ति, अनुशासन और आत्मविश्वास से गूंजा पीटीसी इंदौर का दीक्षांत समारोह

 




983 नव आरक्षक मध्यप्रदेश पुलिस की मुख्यधारा में शामिल, डीजीपी कैलाश मकवाणा ने दिलाई जनसेवा की सीख

भोपाल, 09 जून (हि.स.)। पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (पीटीसी) इंदौर में मंगलवार को 78वें नव आरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण सत्र का भव्य दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। देशभक्ति, अनुशासन और आत्मविश्वास से ओतप्रोत नव आरक्षकों की आकर्षक परेड ने उपस्थित जनसमूह को रोमांचित कर दिया। मध्यप्रदेश पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाणा ने मुख्य अतिथि के रूप में परेड की सलामी ली तथा खुली जिप्सी में सवार होकर निरीक्षण किया।

करीब एक वर्ष के कठिन एवं बहुआयामी प्रशिक्षण के बाद 983 नव आरक्षक मध्य प्रदेश पुलिस की मुख्यधारा में शामिल हुए। इनमें 787 महिला और 196 पुरुष आरक्षक शामिल हैं। समारोह में विशेष पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) रवि कुमार गुप्ता, पुलिस आयुक्त इंदौर संतोष कुमार सिंह सहित अनेक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, प्रशिक्षुओं के अभिभावक एवं पुलिस परिवारजन उपस्थित रहे।

जनता का विश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी ताकत : डीजीपी

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए डीजीपी कैलाश मकवाणा ने कहा कि पुलिस की वास्तविक शक्ति उसके अधिकार या हथियार नहीं, बल्कि जनता का विश्वास है। जब कोई पीड़ित व्यक्ति पुलिस के पास आता है तो वह न्याय के साथ संवेदनशीलता और भरोसे की अपेक्षा भी करता है। इसलिए प्रत्येक पुलिसकर्मी का व्यवहार, आचरण और मानवीय दृष्टिकोण उसकी सबसे बड़ी पहचान होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बदलते समय में अपराध का स्वरूप भी तेजी से बदल रहा है। साइबर अपराध, डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दौर में पुलिसकर्मियों को तकनीकी रूप से दक्ष, मानसिक रूप से मजबूत और नैतिक रूप से प्रतिबद्ध होना आवश्यक है। प्रशिक्षण समाप्त हो सकता है, लेकिन सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होती।

वर्दी अधिकार नहीं, जिम्मेदारी का प्रतीक

डीजीपी मकवाणा ने नव आरक्षकों से कहा कि वर्दी केवल अधिकार नहीं देती, बल्कि उससे कहीं अधिक जिम्मेदारी भी सौंपती है। समाज पुलिसकर्मी को उसकी वर्दी से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार और चरित्र से पहचानता है। उन्होंने नव आरक्षकों से ‘देशभक्ति-जनसेवा’ के मूल मंत्र को जीवनभर आत्मसात करने का आह्वान किया।

उन्होंने वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त बनाने में पुलिस बल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए साइबर अपराध और नशे को समाज के सामने उभरती बड़ी चुनौतियां बताया। साथ ही आगामी सिंहस्थ-2028 को पुलिस के लिए महत्वपूर्ण दायित्व बताते हुए नव आरक्षकों से इसके सफल संचालन में योगदान देने का आह्वान किया।

देश के अग्रणी प्रशिक्षण संस्थानों में पीटीसी इंदौर

पुलिस अधीक्षक पीटीसी इंदौर वाहनी सिंह ने बताया कि पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय इंदौर देश के प्रतिष्ठित आरक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में शामिल है। बीपीआरएंडडी, नई दिल्ली द्वारा इसे दो बार देश के सर्वश्रेष्ठ आरक्षक प्रशिक्षण संस्थान का सम्मान प्राप्त हो चुका है। संस्थान अब तक 27 हजार से अधिक आरक्षकों को प्रशिक्षित कर पुलिस सेवा के लिए तैयार कर चुका है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां

दीक्षांत समारोह से पूर्व आयोजित सांस्कृतिक संध्या में प्रशिक्षु आरक्षकों ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवन पर आधारित प्रेरक नाट्य प्रस्तुति सहित अनेक रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। भारतीय संस्कृति, परंपरा और रचनात्मकता से सजे कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया।

इस अवसर पर डीजीपी कैलाश मकवाणा ने पीटीसी इंदौर की स्मारिका ‘सांदीपनि स्मृति’ का विमोचन किया तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं और अधिकारियों को सम्मानित किया। दीक्षांत परेड के बाद आयोजित ‘आरोहण’ कार्यक्रम में प्रशिक्षुओं ने साहस, संतुलन, टीम भावना और दक्षता का शानदार प्रदर्शन कर उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों की भरपूर सराहना प्राप्त की।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे