देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी उम्र से नहीं, जीवन के प्रारंभ से जुड़ी होती है : नरेंद्र सिंह तोमर
मंदसौर, 31 अक्टूबर (हि.स.)। देश और समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी किसी निश्चित आयु से नहीं, बल्कि जीवन के प्रारंभ से ही जुड़ी होती है। युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए अभी से तैयार रहना होगा। यह बात मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने शनिवार को मंदसौर में आयोजित 32वें राष्ट्रीय भारतीय युवा संसद अधिवेशन के शुभारंभ अवसर पर कही।
मीडिया फाउंडेशन की ओर से कुशाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम में आयोजित इस अधिवेशन में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर शामिल हुए। कार्यक्रम में सांसद सुधीर गुप्ता, नगर पालिका अध्यक्ष रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, विधायक हरदीप सिंह डंग, विधायक चंदर सिंह सिसोदिया, पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए युवा विद्यार्थी उपस्थित रहे।
अधिवेशन को संबोधित करते हुए तोमर ने आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि सशक्त प्रयासों से विचार को मूर्त रूप दिया गया है। देश के विभिन्न राज्यों में आयोजित होने वाली इस श्रृंखला का आयोजन अब मध्यप्रदेश में भी हो रहा है। उन्होंने अन्य राज्यों से आए प्रतिभागियों का स्वागत किया।
तोमर ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में देश के सामने कार्य करने के कई महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। इनमें सबसे कठिन कार्य व्यक्ति निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है, जो लोकतंत्र के लिए अनिवार्य है। यह प्रक्रिया अत्यंत चुनौतीपूर्ण है। इस दिशा में काम कर रहे व्यक्तियों, संस्थाओं और संगठनों के प्रयास सराहनीय हैं।
उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति और शब्दकोश में 'तरुण' शब्द का विशेष महत्व है। इस शब्द में मनुष्य के जीवन को बदलने की बड़ी ताकत है। तरुण शब्द का स्मरण करते ही भगत सिंह, खुदीराम बोस, चंद्रशेखर आजाद और महारानी लक्ष्मीबाई जैसे नाम सामने आते हैं, जिन्होंने देश की आजादी में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत तेजी से प्रगति कर रहा है। विकसित भारत के निर्माण की पूरी जिम्मेदारी तरुण पीढ़ी के कंधों पर होगी। इसके लिए युवाओं को अभी से तैयारी करनी होगी। भारत प्राचीन काल से ही ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी रहा है और आज भी दुनिया को संदेश देने का काम कर रहा है। विभिन्न कठिन परिस्थितियों में भारत ने दूसरे देशों की मदद की है। कोरोना काल में देश ने कम समय में वैक्सीन तैयार कर 100 देशों को उपलब्ध कराई।
सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि भारत में प्रारंभ से ही लोकतंत्र की परंपरा रही है। भारतीय लोकतंत्र में पूर्णता का भाव है और लोकतांत्रिक मूल्य हमेशा सर्वोपरि रहे हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के बताए मार्ग में मानव सहित समस्त प्राणी जगत के कल्याण की भावना निहित है।
हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया