अनूपपुर: दो सूत्रीय मांगों को लेकर सभी बैंकों के कामकाज बंद कर एक दिवसीय हड़ताल, लगातार तीन दिन बैंक बंद
अनूपपुर, 11 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के आह्वान पर दो सूत्रीय मांगों को लेकर शुक्रवार को अखिल भारतीय बैंक हड़ताल के कारण अनूपपुर के सभी सरकारी बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा।
जिले में भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा समेत सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैक, केनारा बैक सहित अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के मुख्य द्वारों पर ताले लटके नजर आए। बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया। देशभर के सरकारी और कुछ निजी बैंक आज से लगातार तीन दिन बंद रहेंगे।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने 2 साल से अटकी 5-डे वर्किंग की मांग को लेकर शुक्रवार को एक दिन की हड़ताल कर रहे हैं। 12 सितंबर को महीने का दूसरा शनिवार और 13 सितंबर को रविवार होने के कारण बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। अगर सरकार और बैंक मैनेजमेंट ने मांगें नहीं मानीं, तो 26 अक्टूबर से देशभर के बैंकों में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो जाएगी।
मंगल सिंह क्लर्क शाखा जैतहरी ने बताया कि उनकी हड़ताल दो मुख्य मांगों पर किया जा रहा है। इन मांगों में पीएलआई वितरण में भेदभाव खत्म कर न्यायसंगत व्यवस्था, और सप्ताह में पांच दिवसीय काम हो। बैंककर्मियों का आरोप है कि प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन राशि (पीएलआई) के वितरण में भारी असमानता बरती जा रही है। स्केल-IV और उससे ऊपर के उच्च अधिकारियों को वार्षिक मूल वेतन का 100 प्रतिशत तक पीएलआई दिया जा रहा है। इसके विपरीत, धरातल पर सीधे सेवाएं देने वाले लिपिकीय कर्मचारियों और स्केल-III तक के अधिकारियों को मात्र 15 दिनों के वेतन के बराबर पीएलआई दिया जा रहा है।
कर्मचारियों का कहना है कि बैंकों द्वारा अर्जित ऐतिहासिक लाभ में उनका सबसे बड़ा योगदान है। वे ग्राहकों की सेवा, व्यवसाय वृद्धि, ऋण वसूली, वित्तीय समावेशन और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सीधे जुड़े हैं। बैंक यूनियंस की मांग है कि पद और स्केल का भेदभाव खत्म कर वास्तविक योगदान, कार्यभार और प्रदर्शन के आधार पर पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए। इसके अलावा सप्ताह में 5 दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था शीघ्र लागू हो। बैंककर्मियों की दूसरी प्रमुख मांग हफ्ते में 5 कार्यदिवस की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की है। कर्मचारियों के अनुसार, डिजिटल बैंकिंग, वित्तीय समावेशन, ग्राहक सेवा और व्यावसायिक लक्ष्यों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। 5 दिवसीय बैंकिंग लागू होने से कर्मचारियों के कार्य और निजी जीवन में संतुलन बनेगा, मानसिक-शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होगा और उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी। यह मांग लंबे समय से लंबित है, जिस पर सरकार को तुरंत निर्णय लेना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान बैंककर्मियों ने कहा कि बैंकों के ऐतिहासिक लाभ का न्यायपूर्ण फायदा हर कर्मचारी को मिलना चाहिए। बैंक यूनियंस अनूपपुर ने हड़ताल के कारण आम जनता को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है। साथ ही ग्राहकों और नागरिकों से बैंककर्मियों की इन न्यायसंगत मांगों को समझने और समर्थन देने की अपील की है।
मोबाइल बैंकिंग और एटीएम चालू रहेंगे
बैंकों ने अपने ग्राहकों से कहा है कि हड़ताल की वजह से ब्रांच स्तर की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, इस दौरान यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग और एटीएम जैसी डिजिटल सेवाएं चालू रहेंगी।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला