अनूपपुर: सावन के पहले दिन मॉ नर्मदा नगरी अमरकंटक शिवभक्ति के रंग में रंगी

 




अनूपपुर, 30 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में सावन के पहले दिन गुरूवार काे मॉ नर्मदा की उद्गम नगरी अमरकंटक शिवभक्ति के रंग में रंग गई और प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया है।

पूरे माह भगवान शिव के जलाभिषेक और विशेष पूजन का क्रम जारी रहेगा, जबकि सावन के सोमवार विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। अमरकंटक में 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष से भक्तिमय माहौल बना हुआ है। दूर-दराज से आने वाले कांवड़िए मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर भगवान जालेश्वर महादेव सहित अन्य शिवधामों में जलाभिषेक करने पहुंच रहे हैं।

छत्तीसगढ़ से पहुंचा श्रद्धालुओं का दल

सावन के पहले दिन छत्तीसगढ़ के कबीरधाम,बलौदा बाजार,भाटापारा जिले के कोदवा गांव से करीब 120 श्रद्धालुओं सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कांवड़िये अमरकंटक पहुंचे। श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा उद्गम मंदिर, रामघाट और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन किए। यह दल रामभाई धर्मशाला में ठहरा है। सावन के पहले सोमवार को श्रद्धालु मां नर्मदा का जल लेकर करीब 8 किलोमीटर दूर जालेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक किया। अमरकंटक पहुंचे श्रद्धालु मां नर्मदा उद्गम मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त कर परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य एवं मंगलमय जीवन का संकल्प लेते हुए अमरेश्वर महादेव तथा जालेश्वर महादेव सहित अन्य प्राचीन शिवालयों में दर्शन-पूजन कर अपनी यात्रा का शुभारंभ किया। मंदिरों में गूंजते वैदिक मंत्र, घंटियों की मधुर ध्वनि झांझ, मजीरा और ढोलक - मांदल की थाप और शिवभक्तों के जयघोष से संपूर्ण वातावरण शिवमय हो उठ रहा है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम

नगरपालिका सीएमओ चैन सिंह परस्ते ने बताया कि पूरे श्रावण मास में देश के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के अमरकंटक पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए नगर में सफाई, पेयजल, आवास, यातायात और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मां नर्मदा उद्गम मंदिर, रामघाट, कोटितीर्थ और जालेश्वर महादेव सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन होंगे।

सावन में बढ़ जाती है अमरकंटक की धार्मिक महत्ता

धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां नर्मदा के उद्गम स्थल से जल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इसी आस्था के साथ हर वर्ष हजारों श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचकर कांवड़ में नर्मदा जल भरते हैं और विभिन्न शिवधामों में जलाभिषेक कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला