अनूपपुर: श्रावण के दूसरे सोमवार अमरकंटक में 30 हजार से अधिक शिवभक्तों ने नर्मदा दर्शन व महादेव का किया जलाभिषेक
अनूपपुर , 10 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले की आध्यात्मिक तीर्थ स्थल तथा मां नर्मदा की उद्गम स्थली अमरकंटक में श्रावण मास के द्वितीय सोमवार को आस्था और शिवभक्ति का विराट दृश्य देखने को मिला।
ब्रह्ममुहूर्त से ही अमरकंटक के प्रमुख घाटों, मंदिरों और शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। सुबह से स्नान, दर्शन, पूजन-अर्चन और जलाभिषेक का क्रम प्रारंभ हो गया था। चारों ओर “हर-हर महादेव”, “बोल बम”, “बम-बम भोले” और “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष गूंजते रहे। इस मौके पर श्रावण सोमवार पर शहडोल, बुढार, धनपुरी, अनूपपुर, पुरानी बस्ती, कोतमा, जैतहरी, पुष्पराजगढ़ और डिंडोरी सहित मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 30 हजार से अधिक संख्या में शिवभक्त अमरकंटक पहुंचे। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से भी बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री पहुंचे।
श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा उद्गम कुंड में पूजा-अर्चना कर पवित्र नर्मदा जल कांवड़ में धारण किया और भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए विभिन्न शिवधामों की ओर प्रस्थान किया। जलेश्वर धाम पहुंचने से पूर्व बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कोटि तीर्थ घाट, कुंड तथा रामघाट में आस्था की पुण्य डुबकी लगाई। स्नान के बाद श्रद्धालु मां नर्मदा उद्गम मंदिर पहुंचे और मां नर्मदा के दर्शन-पूजन किए। इसके पश्चात कांवड़ में पवित्र नर्मदा जल लेकर भगवान ज्वालेश्वर महादेव के जलाभिषेक के लिए पैदल रवाना हुए।
मां नर्मदा मंदिर में भी सुबह से ही भक्त श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालु कतारबद्ध होकर मां नर्मदा के दर्शन एवं पूजन करते रहे। मंदिर परिसर में भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। श्रावण के द्वितीय सोमवार को ज्वालेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। भगवान ज्वालेश्वर महादेव का जलाभिषेक करने के लिए सुबह से ही कांवड़ियों और श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भीड़ को देखते हुए पुलिस सुरक्षा बल तैनात रहा तथा मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे। इस मौके पर कांवड़ियों की टोलियां पूरे मार्ग में भजन-कीर्तन करती हुई और भगवा ध्वज लेकर आगे बढ़ती रहीं।
श्रावण सोमवार के अवसर पर छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले की पंडरिया विधानसभा क्षेत्र की विधायक भावना बोहरा तथा बेलतरा विधायक के नेतृत्व में सुबह लगभग हजारों शिवभक्त श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा उद्गम मंदिर परिसर स्थित कुंड से पवित्र नर्मदा जल कांवड़ में धारण किया। इसके पश्चात भगवान भोरमदेव महादेव के जलाभिषेक के लिए भव्य कांवड़ पदयात्रा का शुभारंभ हुआ। विशाल कांवड़ यात्रियों का यह दृश्य अमरकंटक की धार्मिक और आध्यात्मिक गरिमा को और अधिक भव्य बना रहा था।
विंध्य और सतपुड़ा पर्वतमालाओं के मध्य स्थित अमरकंटक को मां नर्मदा की पावन जन्मस्थली होने का गौरव प्राप्त है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां नर्मदा का जल पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है। श्रावण मास में मां नर्मदा के उद्गम स्थल से जल लेकर भगवान शिव का अभिषेक करने की विशेष धार्मिक महत्ता मानी जाती है। इसी आस्था के चलते प्रत्येक वर्ष श्रावण मास में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों शिवभक्त अमरकंटक पहुंचते हैं और यहां से नर्मदा जल लेकर विभिन्न शिवधामों में जलाभिषेक करते हैं।
अमरकंटक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं में छत्तीसगढ़ से आने वाले कांवड़ यात्रियों की संख्या उल्लेखनीय रहती है। पेंड्रा, गौरेला, मरवाही, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, कवर्धा सहित अनेक जिलों से श्रद्धालु समूह बनाकर अमरकंटक पहुंचते हैं। मां नर्मदा उद्गम से जल लेकर वे ज्वालेश्वर एवं भोरमदेव सहित विभिन्न शिवधामों में पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। द्वितीय श्रावण सोमवार को मां नर्मदा मंदिर, ज्वालेश्वर महादेव, 11 रुद्र महादेव, सिद्धेश्वर महादेव, घंटेश्वर महादेव, अमरेश्वर मंदिर सहित विभिन्न प्राचीन शिवालयों में विशेष पूजन-अर्चन, रुद्राभिषेक एवं शिव आराधना का क्रम दिनभर चलता रहा।
कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए यात्रा मार्ग में जगह-जगह सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों तथा स्थानीय श्रद्धालुओं द्वारा सेवा शिविर लगाए गए। इन शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, शरबत, फल तथा प्राथमिक उपचार आदि की व्यवस्था की गई। सेवा भाव से जुड़े लोगों ने कांवड़ यात्रियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा। वहीं हजारों श्रद्धालुओं के अमरकंटक पहुंचने से नगर के बाजारों में भी अच्छी रौनक दिखाई दी। प्रसाद, फूल-माला, पूजन सामग्री, कांवड़, धार्मिक वस्तुओं तथा खान-पान की दुकानों पर दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला