अनूपपुर: नववर्ष में अमरकंटक में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, मां नर्मदा का किया दर्शन

 








अनूपपुर, 01 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में नए वर्ष 2026 की शुरुआत ठंड के साथ हुई। पिछले एक सप्ताह से कड़ाके की ठंड पड़ रही है, विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगरी मॉ नर्मदा का उद्गम स्थली अमरकंटक में शीतलहर जैसे हालात हैं और रात में गिरने वाली ओस की बूंदें सुबह हल्की बर्फ की परत के रूप में जम रही हैं। नए साल के अवसर पर नर्मदा दर्शन के लिए सैलानियों और श्रद्धालुओं की भीड़ रहीं। नर्मदा नदी के उत्तर एवं दक्षिण तटों, आसपास के खुले मैदानों, इंद्रदमन तालाब और शासकीय उद्यानिकी क्षेत्र में घास, फूल और पत्तियों पर रुई के समान सफेद बर्फ जमी हुई दिखाई दी। इस वर्ष पश्चिमी सभ्यता की लोकप्रियता घटी हैं, लोग अब अपने धार्मिक स्थानों और संस्कृति से जुड़ रहे हैं। जिसका असर बाजार में दिखाई दिया।

युवा लौट रहा है अपनी संस्कृति और धर्म की ओर

जहां हर वर्ष कैलेंडर नव वर्ष की धूम युवाओं में काफी जोश के साथ रहता था, वहीं इस बार यह जोश फीका रहा। जिससे बाजार की रौरन गायब रही। नए वर्ष की खरीदारी में लोगों ने इस वर्ष उत्साह नहीं दिखाया। ऐसा माना जा रहा है कि अब युवा अपने धर्म और संस्कृति को जानने और पहचानने लगा है जिससे कैलेंडर नए वर्ष की लोकप्रियता घटी है, छोटे से शहर अनूपपुर में 31 दिसंबर की रात में ना कोई आतिशबाजी ना कोई शोर-शराब इतना नहीं रहा कि लोग इससे परेशान हो सके। इस बार लोगों ने अपने घरों में चैन से सोकर रात बिताई, वहीं युवा वर्ग देश भर के प्रसिद्ध मंदिरों में दर्शन के लिए जाने से शहर की गलियां सूनी रही। नए वर्ष के लिए केक का व्यवसाय करने वाले व्यवसाइयों को इस बार घटा लगने की आशंका है। बाजार में उत्साह न होने से व्यापारीयों में निराशा है।

मुख्या नगर पालिका अधिकारी अमरकंटक चैन सिंह परस्ते के अनुसार वर्ष 2026 नए साल की शुरुआत में ही अमरकंटक में भारी संख्या में श्रद्धालु मां नर्मदा के दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं। जिले में गत वर्ष की भांती इस वर्ष भी 12 विदेशी पर्यटकों सहित अमरकंटक में लगभग 60 हजार श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा का दर्शन किया था। शाम तक श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी का अनुमान जताया जा रहा है।

वर्ष 2025 की विदाई और नये वर्ष 2026 की शुभकामनाओं के साथ 31 दिसम्बर की अद्र्धरात्रि जिलावासियों की फीकी आतिशबाजी के बीच लोगो ने खुशियां मनाकर नववर्ष का अभिनंदन किया। परिजनों को नववर्ष की बधाई दी और बड़े-बुजुर्गो का आशीष लिया। इसके अलावा मोबाईल के वाट्सएप, ब्लॉग, मेल सहित अन्य संचार माध्यमों से संवाद आदान प्रदान किए गए। 1 जनवरी की सुबह मानव कल्याण में धार्मिक आस्थाओं में नववर्ष की शुरूआत नर्मदा सहित सोन, तिपान, जोहिला, केवई सहित अन्य नदी घाटों पर स्नान व सूर्य को अघ्र्य देते हुए मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना के साथ की गई। अन्य वर्षो की भांति इस वर्ष भी पवित्र नगरी अमरकंटक सहित अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए अधिक तदाद में पहुंचे। हालांकि ठंडक के कारण मुख्य मार्गो पर चहल पहल कम बनी थी। लोग ठंड के कारण अपने घरों में ही दुबके रहे और परिजनों के साथ नववर्ष का जश्न मनाया।

धार्मिक व पवित्र नगरी अमरकंटक में नव वर्ष 2026 के स्वागत के लिए अपने-अपने तरीके से पर्यटकों तीर्थ यात्रियों भक्त श्रद्धालुओं ने यहां भरपूर आनंद लेते हुए 2025 वर्ष को विदा कर नव वर्ष 2026 के स्वागत किया। तीर्थयात्री सोनमुड़ा माई की बगिया धरम पानी तथा सनराइज प्वाइंट मे प्रात: 4 बजे से ही सूर्योदय के इंतजार में अलाव जलाकर प्रतीक्षा करते रहे जैसे ही सूर्योदय की लालिमा पूर्व दिशा में पहाड़ियों की तराई में दिखने लगी और कोलाहल सा शुरू हो गया उगते हुए सूर्य की फोटो लोग अपने-अपने मोबाइल में लेने के लिए बेताब दिखे, साथ ही परस्पर एक दूसरे को बधाई दी। सोनमुड़ा सनराइज प्वाइंट, धरम पानी में कई हजार लोग पहाड़ी पर सूर्योदय को निहारा। तत्पश्चात श्रद्धालुओं ने पतित पावनी पुण्य सलिला मां नर्मदा जी घाट कोटि तीर्थ, गांधी कुंड रामघाट पुष्कर बांध तथा आरंडी संगम नर्मदा नदी में पुण्य डुबकी लगाकर स्नान किया तथा नर्मदा उद्गम मंदिर में दर्शन पूजन अर्चन किया। मंदिर परिसर में सुबह 6 बजे से ही भारी भीड़भाड़ दर्शन के लिए लगी हुई थी जो शाम तक जारी रही।

अनूपपुर जिलावासियों ने भी इस जश्न के अभिनंदन में जमकर थिरके नववर्ष के आगमन का जश्न मनाया। अधिकांश लोगों ने नई खुशियों की शुरूआत सुबह से ही आसपास के नदीघाटों पर स्नान कर मंदिरों में शंखनाद कर ईष्टदेवों की पूजा अर्चना से की। जिला मुख्यालय स्थित बूढी मढिया खेरमाई माता दुर्गा मंदिर, रामजानकी मंदिर, साईं मंदिर सहित हनुमान व शिवमंदिर, सामतपुर स्थित मारूति मंदिर, सहित सोन स्थित शिवमंदिरों में पूजा अर्चना के लिए लोगों की आवाजाही लगी रही। जबकि कोतमा में शारदा-काली मंदिर, पंचायती माता दुर्गा मंदिर, शिवमंदिर, बाबा ठाकुरधाम मंदिर, काली मंदिर, हनुमान मंदिर सहित अन्य मंदिरों में पूजा पाठ कर नए साल का स्वागत किया। इसके अलावा जैतहरी, बिजुरी, रामनगर, राजनगर, भालूमाड़ा, सहित बदरा व अन्य स्थानों पर लोगों ने आस्था के साथ नववर्ष का अभिनंदन किया।

नव वर्ष के शुभ अवसर पर छत्तीसगढ़ के गौरेला पेंड्रा मरवाही बिलासपुर मुंगेली रायपुर कोटा कोरबा तथा मध्य प्रदेश के अनूपपुर, डिंडोरी, शहडोल जिला सहित आसपास क्षेत्रों से हजारों की संख्या में पर्यटक व तीर्थ यात्रीयों ने मां नर्मदा के दर्शन किया। कंपकंपाती ठंड के बीच अमरकंटक में पर्यटकों की अधिक भीड़ जुटने की व्यवस्था में 1 जनवरी को एक बार फिर से पर्यटकों व श्रद्धालुओं की भीड़ अमरकंट की प्रकृति के मनोहारी दृश्य देखने और नर्मदा दर्शन के लिए उमड़ी। अब नववर्ष के बाद 14 जनवरी को मकर संक्रांत, नर्मदा जयंती और महाशिवरात्रि मेले को की भीड़ रहेंगी। फिलहाल पर्यटकों ने सुबह से नर्मदा कुंड में डुबकियां लगाकर उगते सूर्य वं माता नर्मदा की पूजा अर्चना की। सोनमूड़ा, कपिलधारा, दूधधारा, माई की बगिया, कल्याण आश्रम, निर्माणाधीन विश्वप्रसिद्ध जैन मंदिर, जालेश्वर महादेव स्थल पर भी श्रद्धालु व पर्यटक नजर आए।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला